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ब्रेकिंग न्यूज : डा.संगीता को तत्काल मंत्री बनाने की मांग, गगन थापा और काठमांडू के बड़े मीडियाघर बेनकाब !

 

काठमांडू/जनकपुरधाम। नेपाल की राजनीति और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा विवाद अब और भी गरम हो गया है। वीरगंज शाखा के नेपाल चिकित्सक संघ ने वरिष्ठ स्त्री-रोग विशेषज्ञ डा. संगीता कौशल मिश्र को तत्काल मंत्री बनाए जाने की मांग उठाई है।

संघ का आरोप है कि डा. मिश्र जैसी योग्य और ईमानदार अधिकारी के खिलाफ झूठे आरोप और निराधार अभियोग लगाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग (CIAA) ने भी साफ कर दिया है कि उनके खिलाफ फैलाई गई खबरें भ्रामक और तथ्यहीन हैं।

लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि राजधानी काठमांडू के बड़े-बड़े मीडिया हाउस—कान्तिपुर, अन्नपूर्ण पोस्ट, नयाँ पत्रिका, ऑनलाइनखबर, रातोपाटी, सेतोपाटी, नेपालखबर, शिलापत्र और नेपालप्रेस तक—बिचौलियों और व्यापारी समूहों के दबाव में एकतरफा खबरें चला रहे थे। बिना आधिकारिक स्रोत से पुष्टि किए ये मीडिया लगातार दुष्प्रचार फैलाते रहे। बाद में अख्तियार की सफाई आने के बाद ये मीडिया संस्थान अचानक चुप्पी साधने पर मजबूर हुए।

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सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल और सचिव डा. विकास देवकोटा की अनियमितताओं को ढकने के लिए कांग्रेस महासचिव गगन थापा ने भी दबाव बनाया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के आगामी महाधिवेशन और चुनाव अभियान के लिए करोड़ों की रकम जुटाने में गगन थापा सक्रिय हैं और यही वजह रही कि डा. मिश्र की नियुक्ति रोक दी गई।

प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने स्वयं मिश्र को स्वास्थ्य मंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिस कारण उन्होंने अतिरिक्त सचिव पद से इस्तीफ़ा भी दे दिया। लेकिन जब नाम राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुँचा, तभी दलाल नेटवर्क, ठेकेदार और कुछ राजनेताओं की मिलीभगत से उनकी नियुक्ति पर रोक लगवा दी गई।

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मधेशी समाज खासकर युवाओं और बुद्धिजीवियों में इसे लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि मधेशी महिला होने के कारण बार-बार डा. मिश्र के साथ अन्याय किया जा रहा है।

अब सवाल उठ रहा है:
👉 क्या योग्य और ईमानदार अधिकारी को राजनीति और माफियाओं ने मिलकर रोक दिया?
👉 क्या काठमांडू के बड़े मीडिया हाउस भी सत्ता और पैसों की साज़िश में शामिल हैं?
👉 और क्या गगन थापा कांग्रेस के भीतर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के नए केंद्र बन चुके हैं?

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नेपाल की राजनीति इन सवालों से गरमाई हुई है, और जनता अब जवाब चाहती है।

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