सुदन गुरुङ की चेतावनी : “जेन-जी की एकता तोड़ने की कोशिश मत करो”
काठमांडू, ६ कार्तिक २०८२ । “हामी नेपाल” के संयोजक सुदन गुरुङ ने राजनीतिक दलों को चेतावनी दी है कि वे जेन-जी (Gen-Z) युवाओं की एकता तोड़ने की कोशिश न करें।
गुरुवार को माइतीघर मंडला में जेन-जी आंदोलन के शहीदों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुराने राजनीतिक दल जेन-जी को कमजोर और विभाजित करने की साजिश कर रहे हैं।
गुरुङ ने कहा,
“जेन-जी को कमजोर बनाना ही उनकी रणनीति थी। लेकिन उन्हें यह भ्रम नहीं रखना चाहिए कि हमने उनकी चाल नहीं समझी।”
उन्होंने कहा कि दलों का मकसद युवाओं को आपस में बांटकर यह माहौल बनाना है कि “जेन-जी से तो कांग्रेस या एमाले (UML) ही बेहतर है।”
गुरुङ ने जनता से अपील की—
“अब नेपाली नागरिक के रूप में सोचें, एक ही झंडे के नीचे एकजुट होकर देश के विकास में जुटें।”
उन्होंने कहा कि जेन-जी आंदोलन का हर कदम योजनाबद्ध है और वे राजनीतिक चालों पर नज़र रख रहे हैं।
“हमें अलग करने के लिए अब तो उन्हें सारे नेपाली लोगों को ही बाँटना पड़ेगा—लेकिन उनमें इतनी ताकत नहीं है,” उन्होंने कहा।
सुदन गुरुङ ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक नेता अब जेन-जी नेताओं में भेदभाव पैदा करने, यानी “कौन अच्छा, कौन बुरा” जैसी कथाएँ गढ़ने में लगे हैं।
उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा—
“बुरे हम नहीं, बल्कि वही पुराने नेता हैं जिन्होंने अब तक देश को बिगाड़ा है।”
गुरुङ का कहना था कि अब समय आ गया है कि नागरिक पुराने सोच और भ्रमों से मुक्त होकर अपने मताधिकार का सही उपयोग करें।
“जब तक नागरिक सोच नहीं बदलते, तब तक समाज नहीं बदल सकता,” उन्होंने कहा।


