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रास्वपा तथा उज्यालो नेपाल पार्टी के बीच की एकता १२ दिन भी नहीं टिक सकी

 

२६ पुस, काठमाडौं ।

पुरानी राजनीतिक शक्ति काे चुनौती देते हुए नयाँ शक्ति निर्माण के नारा के साथ बना राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी रास्वपा तथा उज्यालो नेपाल पार्टी के बीच की एकता १२ दिन भी नहीं टिक सकी ।

वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति निर्माण के नाम पर हुइ सहमति अन्ततः पद, भूमिका, नेतृत्व के विवाद के कारण १२ दिन में ही भंग हाे गया है।

सार्वजनिक रूप में सैद्धान्तिक असहमति तथा प्रक्रियागत समस्या हाेने पर भी इस सहमति के भीतर  व्यक्तिगत अस्तित्व की बातें शामिल थीं ।   समझदारी व्यक्ति केन्द्रित थी। शक्ति सन्तुलन की अस्पष्टता तथा नेतृत्व वर्चस्व का द्वन्द्व शुरू से ही था ।

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दाेनाें दलाें ने भदौ २३ तथा २४ के जेनजी आन्दोलन, भ्रष्टाचारविरोधी चेतना, सुशासन एवं मेरिटोक्रेसी के नारा काे मूल आधार बनाते हुए रास्वपा तथा उज्यालो नेपाल पार्टी के बीच सात बुँदे सहमति हुइ थी।

सहमतिपत्र में ‘सभी सुसंस्कृत एवं परिवर्तनकामी शक्ति के सहकार्य’ द्वारा नयाँ राजनीतिक शक्ति निर्माण करने का उद्घोष किया गया था।

किन्तु सहमति के बिन्दु जितने आदर्शवादी थे, व्यवहार में उतना ही विरोधाभास था। सहमति में लोकतान्त्रिक अभ्यास, समावेशिता तथा योग्यता प्रणाली की बात हाेने पर भी  नेतृत्व संरचना पहले ही ‘फिक्स’ हाे चुका था । इन सारी बाताें का असर बारह दिनाें में ही दिख गया ।

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