मिथिला का पंद्रह दिवसीय परिक्रमा सोमवार को कचुरी से प्रारंभ, मुख्यमंत्री ने डोला को विदा किया

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । मिथिला का पंद्रह दिवसीय परिक्रमा जनकपुरधाम से 10 किलोमीटर दूर कचुरी राम जानकी मंदिर से सोमवार को प्रस्थान किया। मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्ण कुमार यादव ने डोला को धार्मिक आस्था के साथ विदा किया। राम सीता की जयघोष के साथ प्रस्थान डोला के साथ बड़ी संख्या में साधु, संत, नागा, सन्यासी तथा आम श्रदालु भी डोला के साथ प्रस्थान किए। जानकी मंदिर, रत्न सागर, सुंदर सदन होते हुए डोला हनुमान गढ़ी पहुँचा। डोला कारात्रि विश्राम हनुमान गढ़ी में है। मंगलवार को डोला भारत के कलनेश्वर स्थान पहुंचेगा। जहाँ भारत नेपाल से बड़ी संख्या में साधु, संत महंत, नागा तथा आम नागरिक शामिल होगें। बुधवार को दुलहा सरकार (राम) का डोलातथा किशोरी की डोला एक साथ गिरिजा स्थान (फूलहर) के लिए प्रस्थान करेगी। गुरुवार (19 फरवरी) को परिक्रमा मटिहानी (नेपाल) पहुंचेगी। शुक्रवार (20फर व री) को मड़ई, 21फरव री को ध्रुव कुंड, 22 को कंचन वन, 23 को पर्वता, 24 को धनुषाधाम, 25 को सतोखर, 26 को औरही, 27 को करूणा 28 को बिश्वामित्र आश्रम (बिसौल) 29 को परिक्रमा जनकपुरधाम पहुंचेगी। 1 मार्च को पंचकोसी परिक्रमा के बाद पंद्रह दिवसीय परिक्रमा समाप्त हो जाती है। 133 किलोमीटर की पंद्रह दिवसीय परिक्रमा में प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय ग्रामीण, क्लव द्वारा अन्न, जवावन तथा पेयजल तथा प्रकाश की व्यवस्था की जाती है। स्थानीय प्रशासन सुरक्षा की व्यापक बंदोबस्त करती है।


