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धनुषा में 4 करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का शिलान्यास

 

कैलास दास, जनकपुरधाम, 4 वैशाख। वीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्यदूत देवी सहाय ‘मीना’ ने एक समारोह के बीच लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विद्यालय भवन का शिलान्यास किया।

धनुषा के बटेश्वर गांवपालिका–3 स्थित श्री जनशक्ति माध्यमिक विद्यालय में चार मंजिला भवन निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया।

बताया गया है कि विद्यालय के पास करीब दो बीघा जमीन उपलब्ध है और उसी भूमि पर भवन का निर्माण किया जाएगा।

गांवपालिका अध्यक्ष रामअशिष महतो की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महावाणिज्यदूत मीना ने बताया कि भारत–नेपाल विकास साझेदारी के अंतर्गत मधेश प्रदेश में 89 उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं (HICDP) को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 21 परियोजनाएं धनुषा में हैं। उन्होंने कहा कि धनुषा में निर्माणाधीन 21 विद्यालय भवनों में से 13 का कार्य पूरा हो चुका है।

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नवनिर्मित भवन में रसायनशास्त्र, भौतिकशास्त्र तथा कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, शिक्षक एवं कर्मचारी कक्ष, प्रधानाध्यापक कक्ष, बैठक कक्ष तथा बालमैत्री शौचालय की व्यवस्था की जाएगी।

महावाणिज्यदूत मीना ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि बच्चों और विद्यार्थियों के लिए प्रभावी शिक्षण सुविधाएं तथा अनुकूल शैक्षिक वातावरण सृजित करने के उद्देश्य से यह सहयोग प्रदान किया गया है।

इससे पहले भी भारत सरकार के सहयोग से धनुषा के मुखियापट्टी मुसहरनिया गांवपालिका–तुलसियाही जब्दी स्थित श्री वैद्यनाथ देवनारायण जनता माध्यमिक विद्यालय में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से भवन का निर्माण किया गया था।

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उन्होंने बताया कि उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाएं भारत–नेपाल विकास साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से विद्यालय, कॉलेज, अस्पताल, जल निकासी, नदी तटबंध प्रबंधन जैसे नेपाल सरकार के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है।

भारत सरकार ने मधेश प्रदेश में विभिन्न विकास परियोजनाओं को स्वीकृति देने के साथ-साथ एम्बुलेंस और स्कूल बस भी सहयोगस्वरूप उपलब्ध कराई है।

मधेश प्रदेश में संचालित परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क एवं पुल निर्माण, नदी तटबंध प्रबंधन, सिंचाई, संस्कृति संरक्षण एवं संवर्द्धन, विद्युतीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।

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