नेपाली कांग्रेस के १५वें महाधिवेशन में सभापति गगन थापा ने पेश किया राजनीतिक प्रस्ताव
काठमांडू आश्विन १९ – नेपाली कांग्रेस के १५वें महाधिवेशन के तहत जारी बंद सत्र में पार्टी सभापति गगनकुमार थापा ने अतीत की कमियों और कमजोरियों की निर्मम आत्मसमीक्षा तथा रूपांतरण की स्पष्ट रूपरेखा के साथ ‘राष्ट्रीय पुनर्जागरण और समुन्नति’ शीर्षक से राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया है।
प्रस्ताव में जननायक बीपी कोइराला के आदर्श राष्ट्रीयता, लोकतंत्र और समाजवाद की २१वीं सदी के बदलते परिवेश के अनुरूप व्याख्या करते हुए ‘समुन्नत नेपाल और सम्मानित नेपाली’ के निर्माण को पार्टी का प्रमुख राजनीतिक लक्ष्य घोषित किया गया है।
सत्ता और पद के बंटवारे में उलझे रहने के कारण पार्टी और नागरिकों के बीच दूरी बढ़ने की स्वीकारोक्ति करते हुए दस्तावेज में चुनाव से पहले होने वाले अप्राकृतिक गठबंधनों को समाप्त करने तथा अपने विचार और उम्मीदवारों के आधार पर जनता का विश्वास हासिल करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि संसद में विपक्ष की भूमिका को केवल सरकार के विरोध तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे प्रभावी निगरानी और विश्वसनीय वैकल्पिक नीतियों के रूप में विकसित किया जाएगा।
आर्थिक नीति के संदर्भ में थापा ने पारंपरिक वितरणमुखी व्यवस्था को छोड़कर निजी क्षेत्र–मैत्रीपूर्ण (उदार), उत्पादनमुखी (उच्च आर्थिक वृद्धि) और सामाजिक न्याय–केंद्रित तीन–स्तरीय अर्थव्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। नागरिकों को राज्य पर निर्भर बनाने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और उद्यमशीलता के विकास के माध्यम से उन्हें श्रम और पूंजी का स्वामी बनाने की नीति दस्तावेज में शामिल की गई है।
इसके अलावा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता, कार्यकारी पदों के लिए दो कार्यकाल की संवैधानिक सीमा तथा संस्थागत सुशासन कायम करने के लिए ‘गवर्नेन्स इन्स्टिच्युट’ और ‘निर्वाचन ब्यूरो’ जैसी संरचनागत संस्थाओं के निर्माण की योजना प्रस्ताव में रखी गई है।
संगठनात्मक रूपांतरण के लिए पांच पीढÞियों के बीच सहकार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से १८ से २१ वर्ष आयु वर्ग के लिए ‘यूथ काउन्सिल’ तथा वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का उपयोग करने के लिए ‘विज्डम काउन्सिल’ गठन का प्रस्ताव किया गया है।
पार्टी की सदस्यता को पूरी तरह डिजिटल बनाने, उम्मीदवार चयन में प्राथमिक निर्वाचन (प्राइमरी) प्रणाली लागू करने और पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी बनाने का संकल्प व्यक्त करते हुए सभापति थापा ने कहा कि आगामी चार वर्ष के कार्यकाल में कांग्रेस का ध्यान केवल भाषणों पर नहीं, बल्कि परिणाम हासिल करने और नागरिकों के जीवनस्तर में सुधार लाने वाले कार्यों पर केंद्रित रहेगा।


