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आओ सब मिल पेड़ बचायें , पूजा कर आशीष पायें : पूनम पंडित

 
पूनम पंडित, मेरठ, ३ जून |
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ज्येष्ठ मास की अमावस्या को ”वट सावित्री अमावस्या ” कहते हैं। इस दिन सुहागन स्त्रियाँ वट वृक्ष व् माँ सावित्री की पूजा करके अपने पति की लम्बी आयु की कामना व् प्रार्थना करती हैं। अक्सर देखा गया है कि जिनके घर के पास वट वृक्ष नहीं होता है , वो वट की टहनियाँ तोड़कर घर ले आते हैं तथा उनकी पूजा करते हैं। जरा सोचिये , क्या यह उचित है ? हम जिस वृक्ष की पूजा कर रहे हैं , उसी के अंग भंग कर रहे हैं। और उसी वृक्ष से आशीष की उम्मीद कर रहे हैं।
मेरा आप सभी से करबद्ध अनुरोध है कि कृपया ऐसा ना करें। अगर किसी के घर के पास वट वृक्ष नहीं है तो वो अपने घर में गमले में वट का छोटा सा पौधा लगाकर उसकी पूजा कर सकते हैं। इस प्रकार पूजा अर्चना भी हो जाएगी और वृक्ष को कोई हानि भी नही पहुंचेगी। 
— पूनम पंडित ( ग्रीन केयर सोसाइटी )

५७ रोहटा रोड ( मेरठ ) इंडिया 
फोन न ८६५००३२९१७ 

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