मधेश विकास में समस्या तथा समाधान सम्बन्धी अन्तर्क्रिया आयोजित
मधेश विकासमा देखिए को समस्या तथा समाधान सम्बन्धी अन्तर्कि्रया आयोजित
काठमांडू, 2 जुलाई ।
मधेश मानव अधिकार (मधुर ) युएसए तथा नेपाल यादव समिति द्वारा “मधेश में मानवीय सुरक्षा सुनिश्चिता तथा मधेश विकास मा देखिए को समस्या तथा समाधान” सम्बन्धी अन्तर्कि्रया आयोजित की गई । कार्यक्रम में कई विषयों पर कार्यपत्र प्रस्तुत किए गए । कार्यक्रम की अध्यक्षता भुनेश्वर यादव ने की और स्वागत की जिम्मेदारी महेश्वर यादव ने निभाई । कार्यक्रम के उद्देश्य पर श्यामसुन्दर यादव ने प्रकाश डाला । इसका सफल संचालन योगनारायन राय ने किया । मधुर के अध्यक्ष राममनोहर शाह की उपस्थिति थी ।
भौतिक संरचना पर बलराम मिश्र ने कार्यपत्र प्रस्तुत किया । हुलाकी राजमार्ग की लम्बाई १७९२ की है । जिससे ८८ लाख लोग लाभान्वित होंगे । इसका पहला समझौता २००४ में भारत से हुआ था । उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नेपाल सरकार द्वारा बजट भाषण में जनकपुर भिट्ठामोड सडक के लिए पास किया गया 44 करोड रुपया का रातो किताब में उल्लेख नहीं किया गया है ।
कृषि पर अपना कार्यपत्र प्रस्तुत करते हुए अबध नारायण ने कहा कि तराई में चापाकल का लेवल अब बहुत नीचे जा रहा है । तराई में अभी जो अनाज उत्पादन की क्षमता है उसको तीन गुना अधिक बढाया जा सकता है । तराई में मजदूरों की समस्या बढ रही है ।
प्राकृतिक स्रोत पर कार्यपत्र प्रस्तुत करते हुए डा. नागेन्द्र यादव ने कहा कि तराई के सभी जिलों को पहाड़ से जोड़ कर रखा गया है । पिछले वर्षों में पश्चिम में ९.२ प्रतिशत जनसंख्या में वृद्धि हुई है जबकि पूरब में केवल २.३ प्रतिशत हुई है । जनसंख्या में वृद्धि होने का कारण पहाड़ से लाकर बसाया जाना है । वर्तमान संविधान में मधेशी को प्राकृतिक स्रोत के उपभोग से वंचित किया गया है । ७ हजार १०० बीघा जंगल तराई में विनाश हो रहा है । बसाई सराई का कोई लाभ मधेश को नहीं मिल रहा है । परम्परागत उपभोक्ता का अधिकार अब संविधान में सुरक्षित करना है ।
उर्जा पर ई. नियाज अहमद ने अपना कार्यपत्र प्रस्तुत किया उन्होंने कहा कि वर्तमान लोडसेडिंग चरम लापरवाही की वजह से हो रहा है । बिजली पर केवल दो प्रतिशत डियोइयेन्ट है । १०५वर्ष में ७मेगावाट सलाना बिजली उत्पादन होता है । १०,०००मेगावाट १०वर्ष में कैसे होगा ? इसका रकम भी वियोनिजत नहीं किया गया है । स्वास्थ्य पर डा.रामेकेवल शाह ने कार्यपत्र प्रस्तुत किया । उन्होंने कहा कि २०जिला का मधेश था जिसको अब ८जिले में ही सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है । भूगोल नेपाल का खराब है लेकिन मधेश का तो ठीक है, फिर भी मधेश में विकास न होने की क्या वजह है यह सोचनीय विषय है । पूरे देश में ७०५हाँस्पीटल हैं जिसमें मधेश में ज्यादा है । लेकिन मधेश के अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है । धरान में सुविधा है । वीर होस्पीटल में सुविधा है । लेकिन मधेश में केवल बोर्ड लटका हुआ है । डीजीज लेप्रोसी केवल तराई में है पहाड़ के केवल एक जिला में है । इसमें जागरुकता लाना आवश्यक है । असुरक्षा के कारण मधेश में डाक्टर नहीं रहना चाहते हैं । गर्भवती महिलाएँ सिर्फ २२प्रतिशत ही सुरक्षित हैं । दस से बीस प्रतिशत लोग रोज सडक दुर्घटना में मरते हैं । इसमें ज्यादातर गरीब लोग ही मरते हैं । इनके इलाज की सुविधा सरकार मुहैया नहीं कराती है ।

कार्यक्रम जारी है अर्थ पर उमा शंकर शाह और सामाजिक व्यबस्था पर सीके लाल प्रस्तुत कर रहे हैं ।



