सत्ता गठबन्धन मधेशी मोर्चा का सरकार में शामिल के विषय में आश्वस्त, बैठक आज
काठमान्डौ, श्रावण,१५
सत्ता गठबन्धन मधेशी मोर्चा का सरकार में शामिल के विषय में आश्वस्त
कांग्रेस और माओवादी ने अपनी पहली सहमति में संविधान के साथ असंतुष्ट मधेशी और आदिवासी जनजाति, थारु आदि को सम्बोधित करने की प्रतिबद्धता पहले ही व्यक्त कर चुके हैं । सरकार बनाने कँ कोशिश जारी है और इसमें मोर्चा को भी शामिल करने की पूरी कोशिश की जा रही है । सीमांकन और अन्य विषयों में काँग्रेस और माओवादी के बीच साझा धारणा बनाने और मधेश को सम्बोधित करने की प्रतिबद्धता की जा चुकी है और इसी के तहत यह उम्मीद की जा रही है कि मोर्चा सरकार में शामिल होगी । हालाँकि अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है । सरकार निर्माण की तैयारी में फोरक लोकतांत्रिक के अध्यक्ष बिजय गच्छदार को सरकार में शामिल नहीं किए जाने की भी बात आ रही है और इस मामले में सबसे ज्यादा आक्रामक उपेन्द्र यादव हैं । सद्भावना अध्यक्ष राजेन्द्र यादव का कहना है कि बनने वाली सरकार किस राह चलेगी उसे देखते हुए ही हम भी अपनी राह तय करेंगे । बावजूद इसके सत्ता गठबन्धन निश्चिन्त हैं कि मोर्चा आबद्ध दल सरकार में अवश्य शामिल होंगे क्योंकि उनका मानना है कि ओली सरकार के नजदीक रहते हुए भी उन्होंने आन्दोलनकारियों की मदद की है राज्य द्वारा उन्हें उपचार खर्च और क्षतिपूर्ति की व्यवस्था करा कर । काँग्रेस नेता विमलेन्द्र निधि का भी मानना है कि मधेश की माँग को सम्बोधन करने के बाद ह ीओली के निष्कासन की बात साबित होगी और औचित्य भी । इसके लिए मोर्चा को विश्वास में लेकर ही आगे बढना होगा । वहर प्रचण्ड का मानना है कि मोर्चा की जो माँग है उसे ज्यों का त्यों मानना मुश्किल है फिर भी एक बिन्दु ऐसा है जो मोर्चा भी मान सकती है और इससे समस्या का समाधान होगा । किन्तु वो बिन्दु कया है फिलहाल इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी है ।
सद्भावना अध्यक्ष महतो ने कहा है कि संविधान सम्बन्धी माँग को संशोधन के द्वारा सम्बोधन और मधेश समस्या का समाधान हुआ तो सरकार में सहभागी होंगे अन्यथा बाहर से समर्थन दिया जाएगा । सरकार में जाने से सिर्फ क्या होगा ? मुख्य बात मुद्दा है इसलिए माँग पूरा नहीं होने तक हम सरकार का स भी उच्चारण नहीं करेंगे । वैसे मोर्चा के सरकार में शामिल होने की खबर से मधेशी जनता में असंतुष्टता फैल रही है ।

