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भारतीय जंगल की अबैध लकडी नेपाल में

 

मनोज कुमार ओझा ,कपिलवस्तु, २० अगस्त |
कपिलवस्तु जिला के क्षेत्र ५ नेपाल भारत सीमावर्ती क्षेत्र मे नेपाल के लग भग ४,५ गावो मे भारत के उत्तर प्रदेश बलरामपुर जिले के पचपेडवा थाना के बेलभरीया रेंजर पोष्ट अंतरगत जंगल के अवैध लकडी के भरोसे पर ही , नेपाल के लग भग ४,५ गावो मे आरा मशीन चलाऐ जा रहे है । नेपाल के पश्चिमी सीमा क्षेत्र के लक्ष्मीनगर , बेदमऊ , हरिगवा , लालपुर , मधुनगर के उत्तर झुलनिया चौराहा जैसे जगहो पर ९ ,१० आरा मशीन चलाऐ जारहे है , कुछ नऐ आरा मशीन लगाऐ जा रहे है ।

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पर एसी अवस्था मे ना तो नेपाल के सम्वन्धित निकाय के आला अधिकारी आरा मशीन लगाने का प्रमीशन देने से इनकार कर पा रहे है । ना ही पडोसी देश भारत के वन विभाग के आला अधिकारी जंगल की लकडी काटने से रोक पा रहे है । साथ ही ये वन माफिया एवं लकडी तस्कर सीमा पर तैनात एस,एस,बी एवं जनपद पुलिस के आंखो मे धुल झोक कर लकडी तस्कर भारतीय जंगल से लकडी काटकर सीमा पार कर के नेपाल लाते है । पर वो भारतीय जंगल की अबैध लकडी नेपाल के आरा मशीनो पर आते ही बैध हो जाता है , नेपाल के सशस्त्र पुलिस , जनपद पुलिस एवं वन बिभाग के अधिकारीयो को हर पल हरेक जानकारी होने के बावजुद दिन मे ही लकडी डल्लफ पर लोड होकर आती है , और सीमा क्षेत्र के नेपाल की सर्जमी पर भारतीय लकडी की बजार लगी  रहती है पर वहा कभी नेपाल के सशस्त्र पुलिस , जनपद पुलिस एवं वन बिभाग के अधिकारी उस बजार मे ना तो दिखाई देते है ना कभी आरा मशीनो पर छापा मारने का खबर कभी सुनाई नही दिया ।

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कभी कभी जब वन माफिया , लकडी तस्कर , आरा मशीन संचालक एवं सम्बन्धित निकाय के अधकारियो की आपसी तालमेल बिगडते है ,और रिस्तो मे खटास आते है तो ये अधिकारी गण अवैध लकडी पकड़ने मे अपनी बहादुरी दिखाते है , वो आरा मशीनो के बाहर , पर सब से बडी बात तो ऐ है की अधिकारी गण अपनी बहादुरी का प्रर्दशन करते है लकडी , डल्लफ , वैलगाडी तो हाथ आती है पर आज तक कोई लकडी तस्कर हाथ नही आते आखिर कारण क्या है ? जब की सभी को पता है ,की लक्षमीनगर , पटना , बेदमऊ , हरिगवा , भगवानपुर , भदुई , मानपुर , हथियागण , नरैनापुर , लालपुर , मधुनगर , गेणुवाजोत , ठकुरापुर , डालपुर आदि गावो के व्यक्ति अवैध लकडी तस्करी का कार्य करते है । पर इन सब पर सम्बन्धि सभी निकायो के आला अपसरो के ध्यान केन्द्रीत क्यो नही होता है ।

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