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क्या खत्म होगी प्रदेश सभा ? क्या है स्वर्णिम वाग्ले का प्रस्ताव, जिसने नेपाल की राजनीति में छेड़ दी नई बहस

 

काठमांडू, 22 जून। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के पहले राष्ट्रीय महाधिवेशन में पेश किए गए उपसभापति डॉ. स्वर्णिम वाग्ले के “अर्थ-राजनीतिक प्रस्ताव” ने नेपाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में पार्टी को पर्याप्त जनादेश मिलता है तो वह वर्तमान संविधान में संशोधन कर शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव करेगी। इनमें सबसे चर्चित प्रस्ताव प्रदेश सभा को समाप्त करना और स्थानीय तहों की संख्या में एक-तिहाई कटौती है।

प्रस्ताव में क्या कहा गया है?

महाधिवेशन के बंद सत्र में पेश दस्तावेज़ में कहा गया है कि रास्वपा पर्याप्त राजनीतिक शक्ति मिलने पर संविधान में संशोधन कर कई बड़े संस्थागत सुधार करेगी। इनमें प्रमुख प्रस्ताव हैं—

– प्रत्यक्ष निर्वाचित प्रधानमंत्री की व्यवस्था।
– सांसदों को मंत्री न बनाए जाने की प्रणाली।
– प्रदेश सभाओं को समाप्त कर संघीय व्यवस्था का पुनर्गठन।
– 753 स्थानीय तहों की संख्या में लगभग एक-तिहाई कटौती।
– स्थानीय सरकारों को दलविहीन आधार पर संचालित करने की व्यवस्था।
– न्याय परिषद सहित अन्य संवैधानिक निकायों में व्यापक सुधार।
– राजनीतिक दलों के लिए पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था।

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प्रदेश सभा खत्म करने की मांग क्यों ?

रास्वपा का तर्क है कि वर्तमान संघीय संरचना अपेक्षा के अनुरूप प्रभावी साबित नहीं हुई है। पार्टी का मानना है कि प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक खर्च बढ़ा है, लेकिन सेवा प्रवाह और विकास की गति में अपेक्षित सुधार नहीं आया। इसलिए संघीय व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय उसे अधिक व्यावहारिक और कम खर्चीला बनाया जाना चाहिए।

क्या वास्तव में प्रदेश सभा समाप्त हो सकती है?

फिलहाल इसका उत्तर नहीं है।

नेपाल में प्रदेश सभाएं संविधान द्वारा स्थापित संस्थाएं हैं। इन्हें समाप्त करने के लिए केवल राजनीतिक घोषणा पर्याप्त नहीं होगी। इसके लिए संविधान संशोधन आवश्यक होगा।

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नेपाल के संविधान में संशोधन के लिए संघीय संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए। वर्तमान राजनीतिक स्थिति में रास्वपा के पास इतनी संख्या नहीं है। इसलिए यह प्रस्ताव फिलहाल एक दीर्घकालिक राजनीतिक एजेंडा माना जा रहा है, जिसे लागू करने के लिए भविष्य में व्यापक राजनीतिक सहमति और संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरना होगा।

स्थानीय तहों की संख्या घटाने का प्रस्ताव

रास्वपा का कहना है कि वर्तमान 753 स्थानीय सरकारों की संख्या देश की जनसंख्या, संसाधनों और प्रशासनिक क्षमता की तुलना में अधिक है। पार्टी का प्रस्ताव है कि इनकी संख्या लगभग एक-तिहाई घटाकर प्रशासनिक खर्च कम किया जाए और संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग किया जाए।

हालांकि, इस प्रस्ताव के आलोचकों का कहना है कि स्थानीय तहों की संख्या घटाने से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच प्रभावित हो सकती है।

आर्थिक नीति पर भी स्पष्ट रुख

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स्वर्णिम वाग्ले ने अपने दस्तावेज़ में रास्वपा को “उदार अर्थव्यवस्था में विश्वास करने वाली बहुलवादी लोकतांत्रिक पार्टी” बताया है। इसका अर्थ है कि पार्टी निजी क्षेत्र, प्रतिस्पर्धा और बाजार आधारित अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समान महत्व देती है।

राजनीतिक महत्व

प्रदेश सभा समाप्त करने का प्रस्ताव नया नहीं है, लेकिन किसी राष्ट्रीय दल द्वारा इसे आधिकारिक महाधिवेशन दस्तावेज़ में शामिल करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में नेपाल में संघीय ढांचे, प्रशासनिक खर्च और संविधान संशोधन को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।

हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में यह प्रस्ताव तत्काल लागू होने की संभावना नहीं रखता। यह रास्वपा का दीर्घकालिक राजनीतिक विजन है, जिसे लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन, व्यापक राजनीतिक सहमति और पर्याप्त संसदीय समर्थन आवश्यक होगा।

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