इस वर्ष जनकपुर में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि : कैलास दास
जनकपुर, पुस १२ । भारतीय राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, भारत का चर्चित योग गुरु रामदेव बाबा का जनकपुर दर्शन और गत वर्ष प्रधानमन्त्री मोदी का जनकपुर भ्रमण का हल्ला से जनकपुर का प्रचार प्रसार होने का कारण इसवर्ष पर्यटक की संख्या में उल्लेख्य वृद्धि हुई है । नेपाल का पहाडी जिला और भारत के पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मुम्बई छतिसगढ सहित से उल्लेख्य संख्या में पर्यटक जनकपुर आ रहा है । विशेष कर यहाँ पर ई.स.दिसम्बर से मार्च तक जनकपुर पर्यटको भरा हुआ रहता है । लेकिन विगत की संख्या से मूल्यांकन किया जाने पर इस वर्ष पर्यटको की संख्या में वृद्धि हुई है।
जनकपुर पर्यटक कार्यालय का पूर्व अध्यक्ष नुतन झा का अनुसार मुलुक में राजनीतिक अस्थिरता का कारण जनकपुर आने से पर्यटक डरते थे । इतनाही नही भारतीय विज्ञ का जनकपुर भ्रमण और मधेश आन्दोलन से जनकपुर को एक नई पहिचान मिली है । जिस प्रकार देवगण जनकपुर आने के लिए ललायित होते थे उसी प्रकार अब जनकपुर आने के लिए दुर दरेस से पर्यटक की चाह बन रही है । भारत से आनेवाले पर्यटकगण जनकपुर होते हुए लुम्बनी, पोखरा, दार्जिलिंग, काठमाडौं सहित स्थानो पर जाया करता है । फिलहाल जनकपुर की जानकी मन्दिर पर्यटको से भरिभराव दिख रहा है । उसी प्रकार शैक्षिक भ्रमण के लिए नेपाल का विभिन्न जिल्ला से विद्यार्थी भी अब जनकपुर भ्रमण में आ रहे है । पर्यटक का भीड विशेष कर जानकी मन्दिर, राममन्दिर, ऐतिहासिक गंगासागर, स्वर्गद्वार, धनुषाधाम, रंगभूमी मैदान, कर्भड हल, रामसीता विवाह मडवा में लगा रहता है । उसी प्रकार भारत बिहार का विभिन्न जिलों अग्रेजी का नयाँ वर्ष मनाने के लिए भी लोग आ रहे है । पर्यटकगण गंगासागर, धनुषसागर मे स्नान कर जानकी मन्दिर दर्शन पश्चात् रंगभूमी मैदान सहित के स्थानो पर पिकनिक मनानेवालो की भीड लगी रहती है । उसी प्रकार प्रत्येक साम गंगासागर तलाव में हो रही गंगा आरती मे भी अभी पर्यटको की संख्या उल्लेख्य देखा जा रहा है । पर्यटक की संख्या में वृद्धि होने से जनकपुर पर्यटकीय नगरी के रुपमे परिणत होते देखकर जनकपुरवासी हर्षित है ।


