असंसदीय गतिविधियों की घोर भत्र्सना करते हैं ः महन्थ ठाकुर

काठमांडू, दिसम्बर ३० । सरकार द्वारा पंजीकृत संविधान संशोधन विधेयक के विरुद्ध एमाले के द्वारा किया गया प्रतिरोध और संसद् की कार्यवाही को स्थगन जैसी गतिविधियां अलोकतान्त्रिक एवं संसदीय अभ्यास के विपरीत हैं । ये बातें ३० दिसंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स के जरिये तराई–मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ने कहीं ।
अवसर पर पंजीकृत संविधान को पारित करने के उद्देश्य से जनदबाव स्वरुप आगामी पौष १८ गते देश के सभी जिलों के सदुरमुकाम में खबरदारी विरोध प्रदर्शन करने की भी जानकारी दी ।
मौके पर सद्भावना पार्टी के सह–अध्यक्ष एवं सांसद लक्ष्मण लाल कर्ण ने कहा कि संविधान संशोधन के बगैर कोई भी चुनाव संभव नहीं है । अगर सरकार चुनाव करवाती है, तो देश में द्वन्द्व होगा, जो देश के लिए अहितकारी है । उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय पुनर्संरचना आयोग के द्वारा तैयार किया प्रतिवेदन संघीय व्यवस्था के सिद्धान्त के विपरीत है, अवैज्ञानिक है और जनता की भावना के भी विपरीत है ।
दिसंबर २८ एवं २९ को हुई मोर्चा की बैठक ने पंजीकृत विधेयक में परिमार्जन सहित पारित होने से पूर्व कोई चुनाव मोर्चा के लिए अमान्य होने का निर्णय किया है । स्थानीय निकाय पुनर्संरचना आयोग के द्वारा तैयार किया गया प्रतिवेदन अवैज्ञानिक, जनता की भावना के विपरीत, संघीय व्यवस्था के सिद्धान्त के विपरीत होने के कारण मोर्चा ने अस्वीकार करने का निर्णय किया है ।
इसी प्रकार एमाले द्वारा किया गया प्रतिरोध एवं संसद् की कार्यवाही को स्थगन जैसी गतिविधियों की घोर भत्र्सना एवं पंजीकृत विधेयक को परिमार्जन सहित पारित करने के उद्देश्य से जनदबाव स्वरुप आगामी पौष १८ गते देश के सभी जिलों के सदरमुकाम में खबरदारी विरोध प्रदर्शन करने का भी निर्णय किया है ।

