हिमालिनी पर बार बार ऐसी प्रतिशोधात्मक कार्यवाही होती आ रही है
२५ गते फाल्गुन

गत रात्रि हिमालिनी प्रतिनिधि कृष्णमुरारी के मोटर साइकिल को जला दिया गया है । हिमालिनी पर बार बार ऐसी प्रतिशोधात्मक कार्यवाही होती आ रही है । कभी जान से मारने की धमकी तो कभी पत्रिका और ओनलाइन बन्द करने की धमकी । कभी विखण्डन का आरोप तो कभी विदेशी होने का आरोप वर्ग विशेष और पार्टी विशेष के कार्यकर्ताओं की ओर से लगाकर धमकाया जाता रहा है जिसकी सूचना सम्बन्धित निकाय को समय समय पर दी जाती रही है । मधेश के सन्दर्भ में लिखना क्या गलत है ? जो हो रहा है वही लिखा जा रहा है जो पच नहीं रहा जिसका परिणाम उक्त निन्दनीय घटना है । हिमालिनी इसका विरोध और भत्र्सना करती है ।

