Tue. Jun 23rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

वीरगंज चीनी मिल और जनकपुर सिगरेट कारखाने को पुनः चालू करने के लिए रूस तैयार

 

काठमांडू।

नेपाल के उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव से नेपाल में रूस के आवासीय राजदूत एलेक्सी भ्लादिमिरोविच सुरोभत्सेभ ने बुधवार को लैनचौर स्थित उपराष्ट्रपति कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की।

भेंट के दौरान दोनों पक्षों ने शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया तथा नेपाल और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।

उपराष्ट्रपति यादव ने कहा कि वर्ष 1956 में कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के बाद से नेपाल और रूस के बीच मैत्रीपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण संबंध बने हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।

यह भी पढें   प्रतिपक्षों की नम्रता को कमजोरी नहीं समझें – रमेश मल्ल

उन्होंने कहा कि पारस्परिक सम्मान, समझदारी और मित्रता पर आधारित इस रिश्ते को नेपाल गर्व के साथ स्मरण करता है। उपराष्ट्रपति ने सोवियत संघ के समय से ही नेपाल के मानव संसाधन विकास, पर्यटन, औद्योगिक विकास और यातायात अवसंरचना के क्षेत्र में रूस द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की।

उन्होंने कहा—

“हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और जनस्तरीय आदान-प्रदान बढ़ा है, जिससे नेपाल प्रसन्न है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में नेपाल–रूस संबंधों में नए आयाम जुड़ेंगे और हमारा सहयोग और अधिक मजबूत होगा।”

उपराष्ट्रपति यादव ने रूस के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर रूसी जनता की सुख, शांति और समृद्धि के लिए शुभकामनाएँ भी व्यक्त कीं।

यह भी पढें   सद्भाव के लिए योग: भारत के महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज ने शंकराचार्य गेट पर 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया

इस अवसर पर रूसी राजदूत सुरोभत्सेभ ने नेपाल–रूस संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि रूस नेपाल को जलविद्युत, कृषि, चिकित्सा, भौतिक अवसंरचना तथा अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में अतिरिक्त सहयोग प्रदान करने के लिए इच्छुक है।

राजदूत ने यह भी कहा कि यदि नेपाल सरकार औपचारिक अनुरोध और आवश्यक विवरण उपलब्ध कराए, तो रूस नेपाल के ऐतिहासिक औद्योगिक प्रतिष्ठानों—वीरगंज चीनी कारखाना और जनकपुर चुरोट कारखाना—को पुनः संचालन योग्य बनाने में सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह भी पढें   जहाँ शिव और बुद्ध मिलते हैं: काठमांडू घाटी की दिव्यता : डा.विधुप्रकाश कायस्थ

इस बैठक को नेपाल और रूस के बीच आर्थिक, औद्योगिक और विकासात्मक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *