प्रतिपक्षों की नम्रता को कमजोरी नहीं समझें – रमेश मल्ल
काठमांडू, आषाढ़ ४ – नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सचेतक रमेश मल्ल ने टिप्पणी की है कि प्रतिपक्ष दलों द्वारा एकजुट होकर आवाज उठाने पर भी सत्तापक्ष और सरकार सुनने के लिए तैयार नहीं है । आज (वृहस्पतिवार) जैसे ही प्रतिनिधिसभा की बैठक शुरु हुई विपक्षी दलों के सांसद उठ खड़े हुए । सभामुख डोलप्रसाद अर्याल द्वारा दिए गए समय के बाद नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद रमेश मल्ल ने कहा कि प्रतिपक्षियों की आवाज को नहीं सुनकर प्रतिनिधिसभा नियमावली जबरजस्ती पारित हुई है । मल्ल ने कहा कि उन्होंने सदन में प्रधानमंत्री को ढूंढ़ा तो वो उपस्थित नहीं थे ।
इसके अतिरिक्त मल्ल ने प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा भ्रष्टाचार निवारण आयोग के प्रमुख को बुलाकर उन्हें एक निश्चित अधिकारी को गिरफ्तार करने का निर्देश देने पर भी सवाल उठाए हैं । मल्ल ने कहा कि संवैधानिक अधिकारियों की गिरफ्तारी का आदेश देना सत्ता का दुरुपयोग करना है ।
उन्होंने कहा कि विपक्षियों द्वारा एकजुट होकर बार बार आवाज उठाई जा रही है । लेकिन सरकार है कि सुनने का नाम ही नहीं ले रही है । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रतिपक्षों की नम्रता को कमजोरी नहीं समझें ।


