Fri. Sep 18th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

रास्वपा की सरकार “एक्सप्रेस रूट” पर आगे बढ़ रही है : प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह

 

चितवन, २१जून । राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के वरिष्ठ नेता एवं प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ने कहा है कि देश निर्माण की छोटी-सी आकांक्षा के साथ शुरू हुई रास्वपा अब अपने प्रथम महाधिवेशन तक पहुंचते-पहुंचते पार्टी को एकजुट और संस्थागत बनाने के चरण में प्रवेश कर चुकी है।

चितवन में जारी रास्वपा के प्रथम महाधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा पार्टी को दिए गए सुझावों, चिंताओं और सलाहों के प्रति रास्वपा पूरी तरह सजग है।

सरकार की कार्यशैली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार एक वाहन की तरह होती है, जिसमें ब्रेक भी होता है। लेकिन रास्वपा की सरकार किसी स्थानीय मार्ग पर नहीं, बल्कि विकास के “एक्सप्रेस रूट” पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, तब तक रुकने का कोई कारण नहीं है और सरकार पूरी तरह नियंत्रण में है।

यह भी पढें   मोदी और शी ने पुतिन से रूस–यूक्रेन युद्ध रोकने का रखा प्रस्ताव

प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि कुछ लोग जनमत को हवा की तरह बदलने वाला बताते हैं, लेकिन रास्वपा ने केवल हवा नहीं चलाई बल्कि ऐसी बाढ़ लाई है जिसने राजनीति की धारा ही बदल दी है। उनका दावा था कि एक बार सही दिशा में बहने लगी राजनीतिक धारा अब उसी मार्ग पर आगे बढ़ेगी।

उन्होंने अपने एक मित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सुर्खियों में आना आसान है, लेकिन वहां टिके रहना कठिन होता है। शाह ने कहा कि रास्वपा को जनता ने विश्वास के साथ आगे बढ़ाया है और पार्टी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेगी।

यह भी पढें   प्रधानमंत्री शाह तथा नेपाल में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत मेगन बोल्डिन बीच मुलाकात

रास्वपा की वैचारिक पहचान पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी न तो दक्षिणपंथी है और न ही वामपंथी, बल्कि “विकासवादी” पार्टी है। उन्होंने कहा कि रास्वपा प्रतिशोध की राजनीति नहीं करती, बल्कि विकास को प्राथमिकता देती है। हालांकि जहां सरकारी भूमि पर अतिक्रमण या भ्रष्टाचार जैसे मामले सामने आएंगे, वहां कानून के दायरे में रहकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में अख्तियार (भ्रष्टाचार अनुसन्धान आयोग) से घंटों या वर्षों तक पूछताछ करनी पड़े तो भी कानून का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो धारणा बनाई जा रही है, वास्तविक स्थिति उससे अलग है और सब कुछ कानून के दायरे में हो रहा है।

यह भी पढें   अग्रगामी मोर्चा क्यों ? अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस के अनुभव से क्या सीखा जा सकता है ?-विनोदकुमार विश्वकर्मा

सीमा विवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि नेपाल के पास कालापानी और लिपुलेख पर अपने दावों के पर्याप्त ऐतिहासिक प्रमाण मौजूद हैं। यदि आवश्यक हुआ तो ब्रिटिश शासनकाल के अभिलेख भी प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल किसी तीसरे पक्ष से मध्यस्थता नहीं कराएगा, बल्कि अपने पड़ोसी देशों के साथ सीधे संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान खोजेगा।

अपने संबोधन के अंत में शाह ने कहा कि उनकी राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्धता पर किसी को भी संदेह करने की आवश्यकता नहीं है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com