नवलपरासी के ५ गाविस को प्रदेश ४ में डालना सोची समझी साजिश है : ह्दयेश त्रिपाठी

रबिन्द्र यादव/नवलपरासी । २८ मार्च |
नवलपरासी के पकलिहवा में हुए सर्बपक्षिय सघर्ष अभियान बिरोध सभा में बोलते हुए पुर्व मन्त्री ह्दयेश त्रिपाठी ने त्रिवेणी गाउपालिका को प्रदेश न.५ में रखने की बात कही ।
त्रिबेणी गाउपालिका में रहे त्रिबेणीसुस्ता, कुडिया, रुपौलिया, नरसहि, पकलिहवा गाविसाओं को तत्काल प्रदेश नम्बर ४ से हटाकर प्रदेश नम्बर ५ में लाने की बात उन्होने कही है । केवल प्रदेश नम्बर ५ की लडाई न होकर यह समग्र मधेश की लडाई होने की बात त्रिपाठी ने स्पष्ट किया । तत्काल ५ गाविस प्रदेश नम्बर ५ में न मिलाए जानेपर स्थानीय जनता द्वारा सडक पर आन्दोलन रुपी आधी तूफान लाकर भूमी पर स्वयं का कब्जा जताने पर विवश होने की बात उन्होंने चेतावनी स्वरूप बतायी है ।
नारायणी नदी को लक्षित करके खस बादियों द्वारा कई नाका खोलने के बहाने से इन ५ गाविस को प्रदेश नम्बर ४ में रखने का षडयन्त्र रचे जाने की बात से लागों के सामने से पर्दा हटाया । सर्बपक्षीय संघर्ष अभियान बिरोध सभा दिनेश यादव के अध्यक्षता तथा पुर्ब मन्त्री ह्दयेश त्रिपाठी के आतिथ्य में हुआ । जिसमें स्थानीय लख्खु यादव, रियाज अलि असारी असरफ चुरिहार तमलोपा के केन्द्रीय सदस्य सुभान अलि असारी, राष्ट्रिय मधेश समाजबादी फोरम नेपाल के जिला अध्यक्ष धरेन्द्र यादव लगायत के लोगों ने अपना मन्तब्य ब्यक्त किया था । बिरोध सभा से माग पुरा न होने पर सडक आन्दोलन करने का निष्कर्ष निकाला गया । अब कई चरणों में आन्दोलन किए जाने की बात युवा नेता लख्खु यादव ने बतायी है । मुख्य सिमाकन बटमलाईन वाले मधेश के माग प्रति सरकार गम्भीर न होने की वजह से लम्बे समय से मधेश में आन्दोलन चल रहा है । संबिधान घोषणा होने के बाद से ही मधेश में अशान्ति फैली हुयी है ।
करिब डेढ साल से मधेशी जनताओं को मधेश का माग पुरा कराने के लिए कई चरणो मे आन्दोलन करना पड रहा है । मधेशी जनता की माग पुरा कराने के लिए कई मधेशी युवाओं ने अपने जान की बलिदानी भी दे दी है । फिरभी इन खसबादियों पर कोई असर नही हो रहा है ।

