Wed. May 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

राजपा केवल ६ लोगों की पार्टी नहीं इसके पीछे कड़ोरो की जमात है : सुनील रंजन सिंह

sunil ranjan singh
 

काठमांडू | राजपा पिछले दो चरण के चुनाव में भाग नही ली यह कहाना बिलकुल गलत होगा | दरअसल राजपा को एक बहुत बड़े शर्यन्त्र के तहत भाग नही लेने दिया गया | यह कम राजपा बिरोधी लोगों का था इसमें कुछ प्रमुख पार्टी भी सामिल थी | इनका मानना था कि अगर राजपा भाग नही लेगी तो कांग्रेस , एमाले और माओवादी को फाइदा होगा |और अंन्तरराष्ट्रीय जगत में राजपा की बदनामी होगी तब इनपर दबाब भी बनेगा चुनाव में जाने के लिए | सरकार हमेशा वार्ता का नाटक करती रही वार्ता के लिए तारिक पर तारिक देती रही लेकिन ठोस निष्कर्ष कभी नही दिया | विस्तृत के लिए सुनिय भिडियो….

 

जो भी हो राजपा चुनाव में नही गई यह एक अच्छी बात है इसके पास मुद्दा है यह मधेश मुद्दा को बचाए रखने में सफल हुई | अगर राजपा में चुनाव गई होती तो इसका भी हाल वही होता जो उपेन्द्र यादव का हुआ और जो विजय गच्छेदार का हुआ | अभी इसके पास मुद्दा तो है | अब चुनाव होना बहुत जरूरी है और राजपा को भी भाग लेना चाहिए | क्योंकि इससे ज़ुरा हुआ विकास का मुद्दा भी है अगर चुनाव नही होता है तो विकास नही होगा और फिर मधेश पीछे पर जायेगा | लेकिन चुनाव में आने से पहले राजपा की जो मांगे हैं उसे सरकार को पूरा करना होगा | यह सरकार का ही नही एमाले का भी दायित्व बनता है कि राजपा को जैसे भी चुनाव में सहभागी करावें | अगर राजपा शामिल नही हो तो यह देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान होगा | क्योंकि इसके बाद कुछ अलगाव बादी शक्ति है जो की सक्रिय हो जायेंगे और फिर सरकार को मुश्किल होगा | तीन बड़ी पार्टियों को यह नही सोचना चाहिए कि है | इसके पीछे लाखो कड़ोर लोगों की जमात है | कुछ लोग यह सोंच रहें है कि यह चुनाव में भाग नही लेगी तो वैद माओवादी जैसे अपने आप खतम हो जायेगी तो यह सोचना विल्कुल गलत है |

यह भी पढें   भारत ने नेपाल को दिए 10 कैदी वाहक ट्रक, बीरगंज में हुआ हस्तांतरण

( सुनील रंजन सिंह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ट अधिवक्ता हैं )

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *