परिवार की सुख शांति के लिए करती हैं महिलाएँ हरतालिका तीज
20अगस्त
मधु सिंह
हरतालिका तीज नेपाल और भारत में मनाया जाने वाला महिलाओं के लिए बेहद पावन और धार्मिक पर्व है । तीज का व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन किया जाता है । इस बार तीज २४ अगस्त को मनाया जाएगा । यह व्रत सभी कुँवारी युवतियाँ व महिलाएँ करती हैं । इस दिन गौरी अौर शंकर का पूजन किया जाता है।
कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए इस व्रत को किया था और माता पार्वती को शिवजी को पाने के लिए १०७ बार जन्म लेना पड़ा, जिसके बाद १०८वें जन्म में भगवान शिव ने पार्वती को अपनी अर्धांगनी के रुप में स्वीकार किया था तब से यह व्रत हमारी संस्कृति में शामिल होकर एक प्रमुख धार्मिक व्रत के रुप में मनाया जाने लगा
इस दिन महिलाएँ सोलह श्रंगार कर माता गौरी और शिव जी की पूजा करतीं हैं फिर तीज व्रत कथा कहा जाता है महिलाएँ अपने पति की लम्बी उम्र तथा कुवांरी अपने लिए योग्य पति के लिए प्रार्थना करतीं हैं । कहते हैं इस दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव की अराधना करता है उनकी सारी मनोकामनाएँ पूर्ण होतीं हैं ।
ऐसी मान्यताएँ हैं कि इस दिन किया गया दान दुगुना फलदायी होता है। इसलिए पूजा समाप्ति के बाद स्त्रियाँ बिभिन्न प्रकार की सामग्रियाँ जैसे कि फल ,मिठाई ,अनाज ,वस्त्र और श्रृंगार की वस्तुएँ दान में देतीं हैं ।
अतः हम कह सकते हैं कि धार्मिक आस्था का यह पर्व हम महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ काफी मनोरम भी है । इस दिन चारो ओर खुशहाली ,एक सा परिधान अर्थात लाल वस्त्र ,गहनें, पोते बिभिन्न प्रकार की सजावटें, वास्तव में उस दिन काफी मनमोहक दृश्य होता है। परन्तु अाजकल दिखावे ने इसके पारम्परिक रुप काे खतम कर दिया है । इससे हमें इसे बचाना हाेगा । अाज कल तीज की जगह दिखावे के फैशन ने ले लिया है ।


