शब्दाें काे नए अर्थ देने में माहिर माेदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी अपने भाषण और शब्दों के नए अर्थ गढ़ने में माहिर माने जाते हैं. इसके साथ ही मोदी अपने भाषणों में मुहावरे का प्रयोग भी करते रहते हैं. 2014 के आम चुनावों के बाद से वो अपने हर भाषण में शब्दों को नया रूप देते नजर आ जाते हैं. प्रधानमंत्री समय-समय पर अपने विपक्षी दलों का भी नामकरण करते रहते हैं. शब्दों की शिल्प-कला में माहिर मोदी ने अभी तक 40 से ज्यादा शब्दों को नए रूप में ढ़ाल दिया है.
नीचे देखिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी द्वारा नए सिरे से गढ़े हुए शब्दों का अर्थ:
एनडीए को ‘नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस’ के नाम से जाना जाता है. लेकिन पीएम मोदी ने अपने एक भाषण के दौरान एनडीए को ‘नेशनल डवलपमेंट एलायंस’ बताकर संबोधित किया था.
मोदी ने अपने भाषण में ‘5टी’ को टैलेंट, ट्रेडिशन, टुरिज्म, ट्रेड और टेक्नोलॉजी बताया है. जबकि ‘3डी’ को डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डिमांड बताया.
एफडीआई को ‘फर्स्ट डवलप इंडिया’ बताने वाले मोदी ने डिजीटल क्रांति को बढ़ावा देने के लिए ‘जाम’ शब्द का प्रयोग किया. उन्होंने अपने भाषण में ‘जाम’ शब्द का अर्थ जन धन आधार मोबाइल बताया.
भारत में आईटी को युवाओं से जोड़ते हुए मोदी ने इसके तीन अर्थ बताएं. इंडियन टैलेंट, इंन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इंडिया टुमॉरो
मोदी ने नीति आयोग का अर्थ नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बताया तो वहीं ‘भीम’ को भारत इंटरफेस फॉर मनी कहकर पुकारा.
मोदी ने अपने भाषण के दौरान मार्स ऑरबीटर मिशन को मॉम (मां) कहकर भी पुकारा था.
प्रधानमंत्री ने “पहल” को बताया प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ.
साभार न्यूज प्वाईंट

