Fri. Nov 15th, 2019

हिन्दी भाषा ही मधेस जनमन को जोडेगी : नेत्री सुरिता साह

महाेत्तरी, १५ फागुन ।

प्रदेश न.२ मे विगत कुछ दिन से हो रही भाषा विवाद एक अनोखा रुप ले रहा है । प्रदेश के भिन्न जगहाें पर भाषा के सम्बन्ध मे लोग अपने अपने बिचार व्यक्त कर रहे हैं । कई का ये मानना है कि साझा भाषा की नीति ही नेपाली राष्ट्रियता काे मजबुत बना सकती है । महाेत्तरी के बर्दिवास स्थित आधारशिला जयगोविन्द साह अध्ययन केन्द्र द्वारा आयोजित ‘नेपाली राष्ट्रियता र भाषा’ विषयक प्रवचन गोष्ठी मे विभिन्न वक्ताअाें ने कहा कि देश मे बाेली जाने वाली हरेक भाषा काे उचित सम्मान देने के  बाद ही नेपाली राष्ट्रियता मजबुत हाे सकती है । आधारशिला स्थापना के १५ वाँ वार्षिकोत्सव और अक्टुबर क्रान्ति के शतवार्षिकी के अवसर में आयोजित उक्त कार्यक्रम मे साहित्यकार मोदनाथ प्रश्रित ने कहा कि हिन्दु ग्रन्थ मे भी कहा गया है कि समृद्ध भाषा ही समृद्ध राष्ट्र निर्माण का कारक होता है । अध्ययन केन्द्र के अध्यक्ष विन्देश्वर साह की अध्यक्षता में हुवे कार्यक्रम में राजपा नेपाल की नेत्री एवं प्रदेशसभा सदस्य सुरिता साह ने कहा कि हिन्दी सरकारी कामकाज की भाषा बनना आवश्यक है । उनके अनुसार हिन्दी ही मधेसी जनमन को जोड पाएगी । नेकपा माओवादी केन्द्र का नेता रामचन्द्र झा ने भी यह कहा है कि राज्य द्वारा जबर्दस्ती थोपा गया ‘एउटै भाषा, एउटै भेष’ नीति को तोडना आवश्यक है । अब इस देश को चाहिए कि लिपि रहे भाषाअाें काे सरकारी कामकाज के भाषा के  रुप में मान्यता दें ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *