संविधान में आवश्यकता और औचित्य के आधार पर संशोधन : प्रधानमन्त्री ओली
काठमांडू | पूर्व की तरह एकवार फिर प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि संविधान गतिशील दस्तावेज है इसलिए आवश्यकता और औचित्य के आधार पर इसमें संशोधन किया जा सकता है।
प्रधानमन्त्री ओली को संसद में विश्वास का मत देनेवाले प्रतिनिधिसभा के सांसद, राष्ट्रिय सभा तथा प्रदेश सभा के सांसधोन को प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में धन्यवाद देने के क्रम में उन्होंने आज यह बात कही |
प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि‘संविधान समय की माग अनुसार संसोधन होता है’ लेकिन देश को हनी पहुंचानेवाली और अखण्डता पर असर परनेवाला संशोधन नही होगा। देश को मजबुद और एकताबद्ध करने के लिये संशोधन होगा ।’
कार्यक्रम में नेकपा एमाले, नेकपा माओवादी केन्द्र, संघीय समाजवादी फोरम, राष्ट्रीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिसभा, राष्ट्रियसभा और प्रदेशसभा के सांसदसयों की उपस्थिती थी।


