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कानुनी जटिलता के कारण भूकंप पीडित न्याय पाने से बंचितः भुसाल

 

लिलानाथ गौतम, काठमांडू, ३० मार्च ।
राष्ट्रीय पुननिर्माण प्राधिकरण के प्रमुख कार्यकारी अधिकृत (सिईओ) युवराज भुसाल ने कहा है कि पुननिर्माण संबंधी कानुनी जटिलता के कारण ही भूकंप पीडित समय में ही न्याय और राहत प्राप्त करने से बंचित हो रहे हैं । राष्ट्र निर्माण मञ्च द्वारा शुक्रबार काठमांडू में आयोजित ‘भूकंप पीडितों के लिए न्यायिक पहुँच’ विचार गोष्ठी को सम्बोधन करते हुए उन्होंने कहा– ‘समय में ही न्यायिक रिजल्ट देने के लिए हमारा कानुन सहज नहीं है । पुननिर्माण के लिए निर्मित कानुनी जटिलता के कारण ही भूकंप पीडित समय में न्याय पाने से बंचीत हो रहे हैं ।’

धुर्मुस–सुन्तली फाउण्डेशन की कमों को उदारहण देते हुए उन्होंने आगे कहा– ‘११४ दिन में धुर्मुस–सुन्तली एक नमूना बस्ती निर्माण कर सकते हैं । लेकिन जब वही काम सरकार की ओर से किया जाता है तो ११४ दिन में टेण्डर प्रक्रया भी पूरी नहीं होती ।’ उनका यह भी मानना है कि स्थानीय क्षेत्रों में परिचालिन कर्मचारी गैरजिम्मेवार होने के कारण भी कुछ जगह समस्या आई है । लेकिन सिईओं भुसाल का मनना है कि प्राधिकरण द्वारा की गई काम सन्तोसजनक है । उन्होंने दावा किया कि जब से वह प्राधिरकण के सिईओ के रुप में आए हैं, उसके बाद कुछ कानुनी जटिलता को भी समाधान की गई है ।

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सिईओ भुसाल ने कहा कि चालू आर्थिक वर्ष में ६० प्रतिशत घर निर्माण सम्पन्न करने का लक्ष्य प्राधिरकण ने रखा है और उसके अनुसार काम भी हो रहा है । उन्होंने दावा किया है कि सभी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में अभी प्राविधिक जनसशक्ति परिचालित हैं । लेकिन कार्यक्रम के कुछ वक्ताओं को मानना है कि सिईओ भुसाल के कथनानुसार स्थानीय तहों में प्राविधिक जनशक्ति पर्याप्त नहीं हैं ।
कार्यक्रम में पुन निर्माण प्राधिकरण के शाखा अधिकृत तथा गुनासो विभाग के प्रमुख लालबहादुर बस्नेत ने प्राधिकरण की प्रगति विवरण पर चर्चा किया । उन्होंने कहा कि कूल ७ लाख ६७ हजार ७ सौ ५ भूकंप पीडितों में से १ लाख १२ हजार ४०८ पीडितों ने अपना घर निर्माण कर चुके हैं । इसीतरह ३ लाख ७१ हजार, ८८९ घरों का निर्माण कार्य जारी है । बस्नेत ने कहा कि अभी तक ६ लाख ८९ हजार ९१२ भूकंप पीडितों ने प्रथम किस्ता वापत रकम लिए है और २ लाख ८० हजार ७४० लोगों ने दूसरे किस्ता वापत की रकम भी लिया है ।

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कार्यक्रम में प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त कुल ७५५३ स्कुलों में से ३०७९ स्कुलों का पुननिर्माण सम्पन्न हो चुका है और २३७१ विद्यालय में पुननिर्माण की काम शुरु होना ही बांकी है । अन्य में पुननिर्माण का काम जारी है । इसीतरह क्षतिग्रस्त कूल ५४४ स्वास्थ्य संस्थाओं में से १८० का पुननिर्माण जारी है और बांकी का पुननिर्माण सम्पन्न हो चुका है ।


कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण मञ्च के अध्यक्ष निर्मल उप्रेती ने संस्थाओं की ओर से भूकंप पीडितों के पक्ष में की गई कार्य विवरण प्रस्तुत किया । लगभग १७ हजार भूकंप पीडितों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क कर तैयार की गई प्रतिवेदन के अनुसार कई भूकंप पीडित आज भी दयनीय जीवन जी रहे हैं । उन में से कई ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक सरकारी राहत प्राप्त नहीं किया है । कानुनी जटिलता, अज्ञानता, भौतिक रुप में असक्षम (अपांगता, प्रौढ व्यक्ति तथा नाबालक) आदि के कारण वे लोग अपने घर निर्माण करने में असफल हो रहे हैं । पीडितों में से कई ऐसे भी हैं, जो सरकारी राहत पाने से बंचित हैं । कई लोग ऐसे भी हैं, जो पूर्ण रुप में घरबार बिहीन हैं, और सरकार की ओर से प्राप्त राहत रकम को प्रयोग कर भी वे लोग अपनी घर बनाने में असक्षम हैं । ऐसी समस्या में रहनेवालों के लिए थप राहत प्राप्ति के लिए सरोकार पक्षों को वक्ताओं ने ध्यानाकर्षण किया । कार्यक्रम में आयोजक संस्था द्वारा प्रकाशित ‘न्याय में पहुँच के लिए एक प्रयत्न’ नामक पुस्तक भी विमोचन किया गया ।

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