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विश्व योग दिवस का इतिहास

 

योग के अंतरराष्ट्रीय दिवस को विश्व योग दिवस भी कहते हैं । ११ दिसंबर २०१४ को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रुप में २१ जून को संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने घोषित किया है । भारत में योग लगभग ५००० हजार वर्ष पुरानी एक मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक प्रथा के रूप में देखा गया है । योग की उत्पत्ति प्राचीन समय में भारत में हुयी थी जब लोग अपने शरीर और दिमाग में बदलाव के लिये ध्यान किया करते थे । पूरे विश्वभर में योग अभ्यास की एक खास तारीख की और योग दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा संयुक्त राष्ट्र आम सभा से हुयी थी ।
सभी के लिये योग बहुत ही जरुरी है और अगर इसे सुबह सुबह रोजाना करें तो ये सभी के लिये फायदेमंद साबित होगा । इसका आधिकारिक नाम यूएन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है और इसे योगा दिवस भी कहा जाता है । योग, ध्यान, बहस, सभा, चर्चा, विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति आदि के माध्यम से सभी देशों के लोगों के द्वारा मनाये जाने वाला ये एक विश्व स्तर का कार्यक्रम है ।
विश्व योग दिवस या योग का अंतरराष्ट्रीय दिवस पूरे विश्व भर के लोगों के द्वारा २१ जून, गुरुवार को २०१८ को मनाया जायेगा ।
विश्व योग दिवस का इतिहास
२०१४ में ११ दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र आम सभा के द्वारा हर वर्ष २१ जून को योग का अंतरराष्ट्रीय दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में पूरे विश्वभर में योग दिवस को मनाने के लिये घोषित किया गया था । यू.एन. आम सभा के अपने संबोधन के दौरान २०१४ में २७ सितंबर को संयुक्त राष्ट्र आम सभा में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा आह्वान के बाद योग दिवस मनाने की घोषणा की गयी थी । पूरे विश्वभर के लोगों के लिये योग के सभी फायदों को प्राप्त करने के लिये अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में हर वर्ष २१ जून को अंगीकृत करने के लिये संयुक्त राष्ट्र आम सभा से उन्होंने आह्वान किया था ।
अपने भाषण के दौरान नरेन्द्र मोदी ने यू.एन. की आम सभा से कहा कि ‘योग भारतीय परंपरा का एक अनमोल उपहार है ।’ ये मस्तिष्क और शरीर की एकता को संगठित करता है । विचार और कार्य, अंकुश और सिद्धि, मानव और प्रकृति के बीच सौहार्द, स्वास्थ्य और अच्छा के लिये एक पूर्णतावादी दृष्टिकोण है । ये केवल व्यायाम के बारे में ही नहीं बल्कि विश्व और प्रकृति के साथ स्वयं एकात्मकता की समझ को खोजने के लिये भी है । अपनी जीवनशैली को बदलने और चेतना को उत्पन्न करने के द्वारा ये जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने में मदद कर सकता है । चलिये एक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को अंगीकृत करने की ओर कार्य करें ।
इतिहास में भारत के लिये अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा एक महान क्षण है ।  संयुक्त राष्ट्र आम सभा के द्वारा विश्व योग दिवस के रुप में घोषणा करने के लिये इसने ३ महीनों से भी कम समय लिया । भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने २७ सितंबर २०१४ में इसके लिये आह्वान किया था जो अंततः ११ दिसंबर २०१४ में घोषित हो गया । इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी देश के द्वारा दिये गये प्रस्ताव को यू.एन. के द्वारा मात्र ९० दिनों में ही लागू कर दिया गया हो । लोगों के स्वास्थ्य और भले के लिये पूरे विश्व भर के लोगों के लिये एक पूर्णतावादी दृष्टिकोण उपलब्ध कराने के लिये आम सभा के द्वारा वैश्विक स्वास्थ्य और विदेश नीति के तहत इस स्वीकृत प्रस्ताव को अंगीकृत किया गया है ।
पूरे विश्वभर की मानव जनसंख्या के जीवनशैली के ज्ञान और सकारात्मक बदलाव के एक महान स्तर को उत्पन्न करने के लिये संयुक्त राष्ट्र आम सभा को संबोधित करने के दौरान योग के लिये खासतौर से एक दिन अंगीकृत करने के लिये भारतीय पी.एम. श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने विचार रखे । नकरात्मक जलवायु परिवर्तन के कारण गिरते स्वास्थ्य की समस्या से निपटने के लिये अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को अंगीकृत करने के लिये विश्व के नेताओं से मोदी ने आह्वान किया । खासतौर से, योग के अंतरराष्ट्रीय दिवस के लिये उन्होंने २१ जून की तारीख को व्यक्त किया क्योंकि दुनिया के बहुत सारे भागों में लोगों के लिये बड़े महत्व के साथ ही उत्तरी गोलार्द्ध में ये सबसे लंबा दिन है ।
विश्व योग दिवस उत्सव
विभिन्न वैश्विक नेताओं के द्वारा योग के अंतरराष्ट्रीय दिवस के उत्सव को समर्थन प्राप्त है । इसे यू.एस.ए. चीन, कैनेडा आदि सहित १७० देशों से ज्यादा के लोगों के द्वारा मनाया जाता है । पूरे विश्व भर के आम लोगों के बीच योग के फायदों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिये योगा प्रशिक्षण कैंपस, योगा प्रतियोगिता जैसे क्रिया कलाप और बहुत सारी गतिविधियों के आयोजन के द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मनाया जाता है। लोगों को ये बताने के लिये इसे मनाया जाता है कि नियमित योग अभ्यास बेहतर मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक स्वास्थ्य की ओर ले जाता है । ये सकारात्मक रुप से लोगों की जीवनशैली को बदलता है और सेहत के स्तर को बढ़ाता है ।
योग के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय प्राथमिकता के अनुसार उचित तरीके से योग के अंतरराष्ट्रीय दिवस को मनाने के लिये सभी सदस्य, पर्यवेक्षक राज्य, संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था संस्थान, दूसरे शैक्षणिक संस्थान, क्षेत्रीय संगठन, नागरिक समाज, सरकारी संगठन, गैर सरकारी संगठन तथा व्यक्तिगत रूप से लोग इकट्ठा होते हैं ।
विश्व योग दिवस का उद्देश्य
निम्न उद्दश्यों की प्राप्ति के लिये योग के अंतरराष्ट्रीय दिवस को अंगीकृत किया गया है ः
 योग के अद्भुत और प्राकृतिक फायदों के बारे में लोगों को बताना ।
 योग अभ्यास के द्वारा लोगों को प्रकृति से जोड़ना ।
 योग के द्वारा ध्यान की आदत को लोगों में बनाना ।
 योग के समग्र फायदों की ओर पूरे विश्वभर में लोगों का ध्यान खींचना ।
 पूरे विश्व भर में स्वास्थ्य चुनौतीपूर्ण बीमारियों की दर को घटाना ।
 व्यस्त दिनचर्या से स्वास्थ्य के लिये एक दिन निकाल कर समुदायों को और करीब लाना ।
 वृद्धि, विकास और शांति को पूरे विश्वभर में फैलाना ।
 योग के द्वारा तनाव से राहत दिलाने के द्वारा खुद से उनकी बुरी परिस्थिति में लोगों की मदद करना ।
 योग के द्वारा लोगों के बीच वैश्विक समन्वय को मजबूत करना ।
 लोगों को शारीरिक और मानसिक बीमारियों के प्रति जागरुक बनाना और योग के माध्यम से इसका समाधन उपलब्ध कराना ।
 अस्वास्थ्यकर कार्यों से बचाना और बेहतर स्वास्थ को बनाने के लिये अच्छा कार्य को सम्मान और प्रचारित करना।
 शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के उच्च स्तर का पूरी तरह से आनन्द लेने के लिये लोगों को उनके अच्छा स्वास्थ्य और स्वस्थ्य जीवनशैली के अधिकार के बारे में बताना ।
 स्वास्थ्य की सुरक्षा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य विकास के बीच संबंध जोड़ना।
 नियमित योग अभ्यास के द्वारा सभी स्वास्थ्य चुनौतियों से पार पाना ।
 योग अभ्यास के द्वारा लोगों के बेहतर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रचारित करना ।

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