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भारतीय प्रधानमंत्री माेदी पर हमले की साजिश के तार जुड रहे हैं बिहार से

 

२४ जून

बिहार के मुंगेर से बुधवार की देर रात गिरफ्तार किए गए कुख्यात नक्सली अभिमन्यु यादव उर्फ उमेश उर्फ राजेंद्र की गिरफ्तारी के तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की साजिश से जुड़े हुए हैं। कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र स्थित खेरिया गांव में उमेश का घर है। मामले की गहन जांच में जुटी नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआइए) की टीम पिछले 15 दिनों से उस पर नजर रखी हुई थी। आइबी से ली गई रिपोर्ट के सत्यापन के बाद टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई।

सूत्रों के अनुसार पिछले सात जून को महाराष्ट्र के नागपुर से भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार चार बड़े नक्सलियों की गिरफ्तारी व पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर टीम ने उमेश यादव को निशाने पर लिया था। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार चार नक्सलियों में से एक रोना विल्सन के घर से एक पत्र बरामद किया गया था। इसी पत्र से पीएम पर नक्सली हमले की साजिश का भंडाफोड़ हुआ था।

आइबी सूत्रों के अनुसार उमेश यादव पिछले 30 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा है। फिलहाल वह उत्तर प्रदेश व बिहार के एरिया कमांडर का दायित्व निभा रहा था। वह नक्सली संगठन की केंद्रीय कोर कमेटी से भी पिछले एक दशक से जुड़ा है। इस कमेटी के निर्णय में भी उसकी भागीदारी रहती है। पीएम पर हमले की साजिश में भी उसकी भागीदारी थी।

उमेश यादव के पिता स्व. नारायण यादव कभी दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के सरपंच हुआ करते थे। उमेश ने पिछले 20 वर्षों से परिवार के साथ-साथ गांव से भी किनारा कर रखा है। वह कभी-कभार ही गांव आता था। मुंगेर में ही उसने अपना बसेरा बनाया था।

ग्रामीणों के अनुसार लगभग 17 वर्ष की आयु में वह घर से भाग गया था। इसके बाद वह नक्सलियों की शोहबत में आया और संगठन में अपनी गहरी पैठ बना ली। कुछ वर्ष पूर्व भी उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन जमानत पर उसकी रिहाई हो गई।

स्राेत दैनिक जागरण

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