नेपाल और भारत दाेनाें राष्ट्र की अात्मा अाैर संस्कृति एक है : महावीर प्रसाद टोरडी

काठमांडू,२५ सितम्बर ,२०१८ | अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच के प्रमुख श्री महावीर प्रसाद टोरडीजी इनदिनों काठमांडू में हैं | अहिंसा के सिद्धान्तों व अध्यात्मिक मूल्यों के सहारे विश्वबन्धुत्व की ओर अपना कदम बढ़ाते हुये श्री टोरडीजी नेपाल की सदभाव यात्रा पर आये हए हैं | हिमालिनी के साथ एक विशेष भेट में उन्होंने अपनी जिज्ञासा रखी | श्री टोरडीजी ने बताया कि समरसता मंच पूरे विश्व काे यह संदेश देना चाहती है कि भारत अाैर नेपाल की जाे वैदिक संस्कृति है उसकी महत्ता काे पूरे विश्व काे मानना हाेगा । इन दाेनाें राष्ट्र की अात्मा अाैर संस्कृति एक है । नेपाल भारत का सम्बन्ध बहुअायामी है । हम सुख दुख के साथी हैं । सदियाें से हमारा सम्बन्ध राेटी अाैर बेटी का रहा है जिससे काेई इनकार नहीं कर सकता है ।
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श्री महावीर प्रसाद टोरडीजी ने साम्प्रदायिक एकता के लिए वर्ष १९९० में २५०० कि.मी. भारत में पदयात्रा किया था | साम्प्रदायिक एकता के लिए वर्ष १९८१ में ८५०० कि.मी. भारत में साइकिल यात्रा किया था | फिर वर्ष १९८२-८३ में उन्होंने समाजिक सदभाव हेतु ३०० किलोमीटर का भारत में ही दण्डवत यात्रा किया था | इस समरसता मिशन को १८ से अधिक देशों का स्नेहिल सहयोग प्रोत्साहन, समर्थन प्राप्त हो चुका है | इस मिशन द्वारा विभिन्न राष्ट्रों में सांस्कृतिक एवं समाजिक समन्वय संगोष्ठी का आयोजन होता आया है | इस मिशन के तहत प्रति वर्ष समाजिक हित में कार्य करनेवाले व्यक्ति विशेष को समरसता सम्मान प्रदान किया जाता है | अबतक २५००० प्रतिभाओं को समरसता सम्मान प्रदान किया जा चुका है |

