बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को सात साल की कैद
भ्रष्टाचार के मामले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को कोर्ट ने सात साल की कैद की सजा सुनाई है। जिया चैरिटेबल ट्रस्ट भ्रष्टाचार केस से जुड़ा यह मामला था।
आठ साल पहले विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) अध्यक्ष के खिलाफ एंटी करप्शन कमिशन (एसीसी) की तरफ से केस दायर किया गया था। एसीसी ने खालिदा और तीन अन्य के ऊपर जिया चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिए 31.54 मिलियन टका (3,97,435 डॉलर) के भर्जीवाड़े का आरोप लगाया था।
फैसले के मुताबिक, खालिदा और अन्य अभियुक्तों को 10 लाख टका का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर छह महीने और जेल में रहना पड़ेगा। फैसले के दौरान, अदालत ने कहा कि खालिदा के प्रधानमंत्री होते हुए इस तरह की कृत्य के लिए खालिदा को सबसे सख्त सजा दी जानी चाहिए।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ खालिदा ज़िया द्वारा छुट्टी के लिए दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया और इसकी सुनवाई निचली अदालत में जारी रखने की इजाजत दे दी, इस मामले में आज अपने फैसले को देने के लिए निचली अदालत के लिए रास्ता साफ कर दिया। अब उनकी अनुपस्थिति में निचली अदालत में मुकदमा की सुनवाई जारी रखी जा सकती है।
मुख्य न्यायाधीश सैयद महमूद हुसैन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय खंडपीठ ने सुबह में अपील याचिका सुनवाई के बाद आदेश पारित किया।
एसीसी वकील एडवोकेट खुर्शीद आलम खान ने संवाददाताओं से कहा कि आदेश के बाद आज मामले में फैसले देने के लिए संबंधित ढाका अदालत के लिए कोई कानूनी अड़चन नहीं है। इससे पहले 20 सितंबर को अदालत ने उनकी अनुपस्थिति में पुराने ढाका केंद्रीय जेल के अंदर मुकदमा जारी रखने का फैसला किया था। 27 सितंबर को खालिदा ने अदालत के 20 सितंबर के आदेश को चुनौती देने वाली एक संशोधन याचिका दायर की थी।
14 अक्टूबर को, कोर्ट ने खालिदा की संशोधन याचिका खारिज कर दी और अदालत में कार्यवाही जारी रखने के लिए रास्ता साफ कर दिया। खालिदा ने हाल ही में छुट्टी के लिए अपील याचिका दायर की थी।

