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अब निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए भी पेन्सन और उपदान

 

काठमांडू, २३ नवम्बर । हम लोगों में से अधिकांश की सोच होता है कि जीवन में कैसे सरकारी सेवा (नौकरी) में प्रवेश किया जाए । ऐसी सोंच के पीछे अनेक कारण होते हैं । उसमें से प्रमुख एक कारण है– सरकारी नौकरी में पेन्सन और उपदान की व्यवस्था होना, जो जीवन को सुरक्षित महसुस कराता है । लेकिन अब सरकार ने निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए भी पेन्सन और उपदान संबंधी व्यवस्था शुरु करने लगा है । नेपाल के संविधान धारा ३४ में अन्तरनिहित व्यवस्था के अनुसार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजना तैयार किया है, जो जल्द ही सार्वजनिक होने जा रहा है ।
सरकारी योजना अनुसार पहली बार यही मार्गशीर्ष ११ गते सार्वजनिक सुरक्षा कोष दिवस मनाया जा रहा है, जो प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली के हाथों उद्घाटन होगा । श्रम मन्त्रालय के सचिव महेशप्रसाद दाहाल ने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा है कि कानुनी व्यवस्था अनुरुप अब सभी रोजगारदाताओं को कोष में सूचीकृत होना अनिवार्य है । कोष में सूचीकृत होने के तीन महीनों के भीतर अपने कर्मचारी (योगदानकर्ता)ओं की सूची भी पेश करना होगा । उसके बाद कर्मचारियों की योगदान के अनुसार पेन्सन और उपदान संबंधी प्रावधान लागू होगी ।
निजी क्षेत्र मं कार्यरत श्रमिकों की औषधोपचार, दुर्घटना तथा अशक्त सुविधा, आश्रित परिवार की सुरक्षा तथा वृद्धभत्ता सुरक्षा आदि को लक्षित करते हुए कोष की अवधारणा आगे लाया गया है । सचिव दाहाल के अनुसार सामाजिक सुरक्षा कोष संचालन की तैयारी पूरी हो चुकी है, जो मार्गशीर्ष ११ गते औपचारिक घोषणा कर लागू की जाएगी ।
कार्यक्रम शुरु होते ही निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक भी पेन्सन और उपदान के लिए हकदार होते हैं । अगर कोई व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा कोष में योगदान करने से इन्कार करते हैं तो उनको उक्त कोष से प्राप्त कोई भी सुविधान प्राप्त नहीं होगी । सामाजिक सुरक्षा कोष के लिए रोजगारदाता और कामदारों की ओर से कूल पारिश्रमिक रकम से क्रमशः २० और १० प्रतिशत रकम लिया जाएगा । उक्त रकम सरकारी कोष में रहेगा, उसी कोष से स्किम में उल्लेखित सुविधा श्रमिकों को प्रदान की जाएगी । जैसे की एक श्रमिक की मासिक पारिश्रमिक २० हजार है तो उक्त पारिश्रमिक में से से मासिक २ हजार २ सौ रुपयां श्रमिक की ओर से लिया जाएगा और रोजगारदाता की ओर मासिक ४ हजार ४ सौ रुपयां लेकर कूल ६ हजार ६ सौ मासिक रुप में कोष में जमा की जाएगी ।
उसके बाद उल्लेखित कोष से ही श्रमिक को औषधोपचार, स्वास्थ्य तथा मातृत्व सुरक्षा, दुर्घटना तथा अशक्त सुरक्षा, आश्रित परिवार सुरक्षा आदि सुविधा प्रदान की जाएगी । और १५ साल तक रोजगारी करनेवाले श्रमिकों को संकलित उल्लेखित रकमों में से ही निवृत्तिभरण तथा पेन्सन दी जाएगी । मन्त्रालय के अनुसार उल्लेखित सुविधा प्राप्ति के लिए रोजगारदाता तथा श्रमिकों को सूचीकृत होना अनिवार्य है ।

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