सत्ता और शक्ति की गुणगान साहित्य नहीं हो सकताः मन्त्री बराल
बुटवल, ११ दिसम्बर । प्रदेश नं. ५ के सामाजिक विकास मन्त्री सुदर्शन बराल ने कहा है कि सत्ता और शक्ति की गुणगान साहित्य नहीं हो सकता । साहित्यकारों को सत्ता और शक्ति की गुणगान त्यागने के लिए आग्रह करते हुए मन्त्री बराल ऐसा कहा है । मन्त्री बराल सोमबार बुटवल में न्यू होराइजन पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक विमोचन कर रहे थे ।
पुस्तक विमोचन करते हुए मन्त्री बराल ने कहा– ‘राज्य सत्ता बारबार अन्धी हो जाती है, उस की गल्ती और कमजोरियों को उजागर करते हुए रचनात्मक अलोचना करना साहित्यकारों की जिम्मेदारी है । अगर कोई साहित्यकार सत्ता और शक्ति के आसपास रहकर उसी का गुणगान में कुछ रचना करते हैं तो वह साहित्य नहीं है ।’ मन्त्री बराल ने यह भी कहा कि आज की साहित्य में नक्कल ज्यादा मिलने लगा है, साहित्यकार साधना करने के बजाय चोरी करते हैं । इसके प्रति सचेत रहने के लिए उन्होंने साहित्य साधकों से आग्रह भी किया ।

