Sun. Sep 6th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सत्ता और शक्ति की गुणगान साहित्य नहीं हो सकताः मन्त्री बराल

 

बुटवल, ११ दिसम्बर । प्रदेश नं. ५ के सामाजिक विकास मन्त्री सुदर्शन बराल ने कहा है कि सत्ता और शक्ति की गुणगान साहित्य नहीं हो सकता । साहित्यकारों को सत्ता और शक्ति की गुणगान त्यागने के लिए आग्रह करते हुए मन्त्री बराल ऐसा कहा है । मन्त्री बराल सोमबार बुटवल में न्यू होराइजन पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक विमोचन कर रहे थे ।
पुस्तक विमोचन करते हुए मन्त्री बराल ने कहा– ‘राज्य सत्ता बारबार अन्धी हो जाती है, उस की गल्ती और कमजोरियों को उजागर करते हुए रचनात्मक अलोचना करना साहित्यकारों की जिम्मेदारी है । अगर कोई साहित्यकार सत्ता और शक्ति के आसपास रहकर उसी का गुणगान में कुछ रचना करते हैं तो वह साहित्य नहीं है ।’ मन्त्री बराल ने यह भी कहा कि आज की साहित्य में नक्कल ज्यादा मिलने लगा है, साहित्यकार साधना करने के बजाय चोरी करते हैं । इसके प्रति सचेत रहने के लिए उन्होंने साहित्य साधकों से आग्रह भी किया ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com