पंडित ने मन्दिर में नाबालिगों को विवाह करने से रोका
लमही –
प्रतीकात्मक फोटो
मंदिर के पुजारी नाबालिगों को मन्दिर में बिबाह करने से रोकते आ रहे है । दाङ के तुलसीपुर उपमहानगरपालिका को बालमैत्री बनाने के योजनाअनुसार बालविवाह न्यूनीकरण करने के लिए मन्दिर के पुजारी को नगरपालिका द्वारा अभिमुखीकरण तालीम प्रदान किया जा रहा है । पुजारी बुद्धिराम भट्टराई ने बताया, तुलसीपुर क्षेत्र में सबसे अधिक विवाह होने वाली त्रिशिद्धेश्वरी मन्दिर से इस वर्ष २८ बालविवाह रोका गया है ।
मन्दिर का पुजारी भट्टराई के अनुसार अभी मन्दिर में विवाह हेतु आए हुए जोडी का नागरिकता वा शैक्षिक योग्यता का प्रमाणपत्र की तिथि देखकर यहां विवाह करने की अनुमति दी जाती है ।
पुजारी के कथनानुसार यहां बीस वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह की अनुमति दी जाती है । जिस जोडी का २० वर्ष पूरा नहीं हुआ रहता है उसे बोला जाता है कि अभी शादी का लगन नहीं है ।
तुलसीपुर उपमहानगरपालिका और नवजागरण महिला तथा बालबालिका केन्द्र न्यूसिपिसी के सहकार्य में नियमित अनुगमन के कारण पुजारी नाबालिगों को विवाह करने से रोक रहे हैं ।
मन्दिर में बालविवाह तो रोका जा रहा है परन्तु गांव घर में बालविवाह की संख्यां में कमी नहीं आई है ।

