Wed. Oct 21st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं : गुलजार

 

गुलज़ार जी का नाम हिंदी व उर्दू जगत में कौन नहीं जानता इनका पूरा नाम समपूरन सिंह कालरा है इन्होने कई हिंदी फिल्मो के लिए भी कई गीत लिखे है जिसकी वजह से आज यह पुरे विश्व में जाने जाते है | इनका जन्म 18 अगस्त 1934 में पकिस्तान में हुआ था इन्होने अपनी रचनाओं को हिंदी, उर्दू व पंजाबी में भाषाओ में लेखन किया है |

तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं
सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं

 

यह भी पढें   नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन के नतीजे घोषित: गगन कुमार थापा बने नए अध्यक्ष, 231 पदाधिकारी और सदस्य निर्वाचित

आदतन तुम ने कर दिए वादे
आदतन हम ने ऐतबार किया
तेरी राहो में बारहा रुक कर
हम ने अपना ही इंतज़ार किया
अब ना मांगेंगे जिंदगी या रब
ये गुनाह हम ने एक बार किया  

बहुत मुश्किल से करता हूँ,
तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है,
पर गुज़ारा हो ही जाता है…

“पलक से पानी गिरा है,
तो उसको गिरने दो
कोई पुरानी तमन्ना,
पिंघल रही होगी!!”

हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक्त की शाख से लम्हे नहीं तोड़ा करते

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़
किसी की आंख में हम को भी इंतिज़ार दिखे

मैं चुप कराता हूं हर शब उमड़ती बारिश को
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है

यह भी पढें   जनकपुरधाम में वलि प्रथा के बिरोध में प्रवचन तथा कवि गोष्ठी की गयीआयोजित

अपने माज़ी की जुस्तुजू में बहार

पीले पत्ते तलाश करती है

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com