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रष्ट्रपति व्दारा विधेयक पेंडिग में ।

 

राष्ट्रपति ने सरकार व्दारा भेजा गया विधेयक पर तत्काल कु्छ भी नही करने का सोच बना लिया है । १० दिन बितने के बाबजूद भी रष्ट्रपति ने विधेयक पर स्वीकृति का मोहर लगाने के वजाय इसे लम्बा समय तक पेन्डिगं मे रखना ही उचित समझ लिया है। स्मरणीय है कि इससे पहले राष्ट्रपति ने चुनाउ सम्बन्धीत विधेयक वापस कर दिया था जिसकी सत्ताधारी दल व्दारा काफी आलोचना हुइ थी । अपनी रणनीति बदलते हुये राष्ट्रपति ने इसे स्वीकृति के बदले अनिर्णित रखना ही बेहतर समझा है । इसे राजनीति क्षेत्र मे राष्ट्रपति व्दारा सरकार के प्रति असहयोग के रुप में लिया जाता है ।

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इससे पहले रष्ट्रपति ने सभी दलों के प्रमुख को बुलाकर सहमति के लिये दवाब दिया था । राष्ट्रपति पर उनके अपने ही मातृपार्टी व्दारा बाबुराम भट्टराइ सरकार को तुरन्त बर्खास्त करने का जबर्दस्त दबाब है जो कि वे नही कर पारहेंहैं ।

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