Sun. Jun 28th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारत में कार्टूनिस्ट राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार

 

चेन्नै ।। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी को गंभीर अपराध बताते हुए कहा है कि इसके लिए जिम्मेदार पुलिस ऑफिसरों और नेताओं को गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के जज रह चुके जस्टिस काटजू ने इससे पहले कहा था कि कार्टूनिस्ट असीम ने कुछ भी गलत नहीं किया है। यहां एक समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस काटजू ने अपनी उसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर किसी शख्स ने कुछ भी गलत नहीं किया है तो ऐसे शख्स को गिरफ्तार करना अपने आप में अपराध है। उन्होंने कि इस अपराध के लिए उन पुलिस अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार कर उन पर केस चलाया जाना चाहिए जो इस गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार हैं।

यह भी पढें   रूस के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर नेपाल के उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव शामिल

गौरतलब है कि कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को राजद्रोह के आरोप में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। रविवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया था जहां उसे 14 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। मगर, असीम की गिरफ्तारी का तीखा विरोध शुरू हो जाने के बाद मुंबई पुलिस बचाव की मुद्रा में आ गई। सोमवार को उसने कोर्ट में असीम की कस्टडी सरेंडर कर दी जिसके बाद असीम को 24 सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

यह भी पढें   आधी रात से शुरू हुआ मतदान बुधवार सुबह तक भी जारी मतदान का समय आज दोपहर 12 बजे तक

देशद्रोह के आरोप में कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी से इत्तेफाक नहीं जताते हुए कांग्रेस ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं थी.

कांग्रेस ने बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी पर जायज पाबंदियों की वकालत करते हुए राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान की बात भी कही.

उधर महाराष्ट्र में कांग्रेस नीत सरकार ने कहा है कि देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किये गये कार्टूनिस्ट की रिहाई के प्रयास किये जा रहे हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि गिरफ्तारी को अनावश्यक रूप से अधिक खींचा गया है और इस तरह की कार्रवाई की निश्चित तौर पर जरूरत नहीं थी. हम गिरफ्तारी के हक में नहीं हैं.’

यह भी पढें   नया बजट - राहत मिली या बोझ बढ़ा ? : डॉ.श्वेता दीप्ति

उन्होंने साथ ही यह भी कहा, ‘क्या बोलने की आजादी का मतलब कुछ भी करने से लगाना ठीक है.’ तिवारी ने कहा कि सभी को राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए.

इससे पहले सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा था कि संप्रग सरकार मीडिया की सेंशरशिप के पक्ष में नहीं लेकिन स्व.नियमन की वकालत करती है.

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *