भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी काे यूएई का सर्वाेच्च जायद मेडल सम्मान से नवाजा जाएगा
नई दिल्ली ५ अप्रैल
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जायद मेडल से सम्मानित करने का ऐलान किया है। जायद मेडल यूएई द्वारा राष्ट्राध्यक्षों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है। खास बात ये है कि इसकी जानकारी खुद यूएई के क्राउन प्रिंस ने ट्वीट कर दी है। माना जा रहा है कि मोदी को ये सम्मान देकर यूएई दोनों देशों के बीच दोस्ती और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।

अबुधाबी के क्राउन प्रिंस और सेना के डिप्टी सुप्रीम कमांडर शेख मोहम्मद बिन जायेद ने गुरुवार को ट्वीट कर पीएम नरेंद्र मोदी को जायद मेडल दिए जाने की घोषणा की है। शेख मोहम्मद ने ट्वीट में कहा, ‘दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग के नए आयाम बनाने के लिए हम अपने दोस्त भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जायेद मेडल देकर अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हैं।’

उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायेद अल नहयन द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को जायद मेडल से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने भारत की विविधता, सहिष्णुता, सह-अस्तित्व और सम्मान की संस्कृति की भी तारीफ की।
मोदी ने दिया धन्यवाद
पुरस्कार की घोषणा होने के कुछ देर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर शेख मोहम्मद बिन जायेद का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘मैं इस पुरस्कार को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। आपके दूरदर्शी नेतृत्व में हमारे रणनीतिक संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुके हैं। ये दोस्ती हमारे लोगों की शांति और समृद्धि में योगदान दे रही है।’
मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय
पीएम मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय हैं। इससे पहले यह सम्मान एलिजाबेथ, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, व्लादिमीर पुतिन, निकोलस सरकोजी, शी चिनफिंग और एंजेला मार्केल को मिल चुका है। यूएई का यह अहम सम्मान ज्यादातर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों (पी-5) और जर्मनी के राष्ट्राध्यक्षों को मिला है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का नाम अब इस अहम लीग में शुमार हो गया है। यह सम्मान दोनों देशों के रिश्तों में आई मजबूती और विश्वास को दर्शाता है। इससे पहले फरवरी में पीएम मोदी को सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिवों कोफी अन्नान और बान की मून को भी मिल चुका है।

