साहित्य समाज परिवर्तन के लिए होना चाहिएः उपसभामुख
काठमांडू, २० अप्रील । उपसभामुख डा. शिवमाया तुम्बाहाम्फे ने कहा है कि साहित्य की प्रयोग समाज रुपान्तरण के लिए होना चाहिए । युद्धप्रसाद मिश्र स्मृति प्रतिष्ठान की १०वें साधारणसभा को शुक्रबार सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है । उन्होंने कहा कि मिश्र कि साहित्यिक योगदान के कारण ही आज हम लोग स्वतन्त्रता की उपभोग कर पा रहे हैं ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उप–सभामुख तुम्बाहाम्फे ने आगे कहा– ‘युद्धप्रसाद मिश्र जी कहते थे कि जनता को अधिकार मिलनी चाहिए, उनकी यह चाहत को हम लोगों ने सम्मान करना चाहिए ।’ साहित्यकार मोहन दुलाल को कहना है कि मिश्र एक स्वाभिमानी साहित्यकार थे, तत्कालीन सरकार ने उनको बारबार आत्मसमर्पण के लिए कहा, लेकिन उन्होंनेय अस्वीकार किया ।

