नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका वडा नं. २ को बालमैत्री वडा बनायी जाएगी
नेपालगन्ज/ (बाँके) पवन जायसवाल
बाँके जिला की नेपालगंज उपमहानगरपालिका ने थ्रिडि अर्थात् डिसिप्लिन, डेलीभरी और डेभलपमेन्ट (अनुशासन, सेवा प्रवाह और विकास) की अवधारणा में पहली बालमैत्री स्थानीय वडा नं. २ बनाने जा रही है । वडाध्यक्ष सुनिल सिहं हमाल ने इसके बारे में जानकारी दिया ।
मानव अधिकार संरक्षण तथा प्रवद्र्धन केन्द्र की आयोजन में और नेपालगंज उपमहानगरपालिका वडा नं. २ की आर्थिक सहयोग में शुरु हुआ ४ दिनों की बाल अधिकार मैत्री स्थानीय शासन निमार्ण विषयक तालिम में बोलते हुये वडा नं. २ को सदस्य शान्ती देबी परियार ने बालअधिकार हनन् की घटना को शून्य में लाने की अभियान में लगी हूँ बतायी बालमैत्री स्थानीय शासन को मजबूत बनाने के लिये मानव अधिकार संरक्षण तथा प्रवद्र्धन केन्द्र से मिलकर तालिम देना शरु कयिा गया है बतायी ।
मानव अधिकार संरक्षण तथा प्रवद्र्धन केन्द्र के अध्यक्ष आलम खान ने बालमैत्री वडा बनाने की अभियान शुरु हो चुकी है बताते हुये तालिम समापन पश्चात तालिम लिये हुये बिद्यार्थियों को संगठित करने की उद्देश्य से वडा स्तरीय मानव अधिकार निगरानी समूह निमार्ण करने की बात बताया ।
उन्हों ने ‘विकास को उर्जाशील और सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता रही है बताते हुये बालबालिका ने भी खबरदारी करना एकदम महत्वपूर्ण है बताया ।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की महिमा चौधरी ने सहजीकरण कते हुये बालमैत्री शासन से कुलत अगर नही हटा सके तो उसकी उपलव्धि हासिल नही हो पाएगी बतायी । इस के लिये भी बालमैत्री अभियान की साथ कुछ अभियान चलाना आवश्यक रही है जिकिर किया ।’
तालिम के दूसरी समूह को सहजीकरण करते हुये असलम भाट ने अभी जनप्रतिनिधि आने के बाद यह काम करना एकदम सहज हुआ है बताते हुये भाट ने बिद्यालय से ही बाल मैत्री स्थानीय तह बनाने के लिये अभियान संचालन करना सार्थक होगी अपनी धारणा रक्खा था ।
जेष्ठ ११ शनिवार को हुआ तालिम में ३५÷३५ करते ७० बिद्यार्थियों की सहभागिता रही थी मानव अधिकार संरक्षण तथा प्रवद्र्धन केन्द्र की सहसचिव मोहिनी बाल्मिकी, सदस्यों में साहिल अन्सारी, शिवानी सिहं लगायत वडा सदस्य, शिक्षक, अभिभावकों की सहभागिता रही थी ।

