गणतन्त्र के संस्थाओं तथा अंगों का सम्मान करना चाहिये ः प्रधानमन्त्री ओली
२९ मई, काठमांडू ।
प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने आज बुधवार गणतन्त्र दिवस के अवसर पर टुँडीखेल में आयोजित विशेष कार्याक्रम को सम्बोधन करते हुये उन्होंने विभिन्न ऐतिहासिक सन्दर्भ पर चर्चा किये और गणतन्त्र का परिभाषा देते हुये उसको व्याख्या करने का प्रयास भी किये ।
प्रधानमन्त्री ओली ने सम्बोधन में कहा कि गणतन्त्र का अर्थ जनता द्वारा उसके शासक का चयन करना और उस शासक द्वारा अच्छा काम नहीं किया जाने पर चुनाव में उसे पराजित करने के रुप में चित्रण किया गया है । प्रधानमन्त्री ने गणतन्त्र को जनता के अभिमत में आधारित होकर शासन करने की उच्चतम प्रणली बताये हें । उन्होंने अपने सम्बोधन में प्रेस स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति स्वतंत्रता और नागरिक अधिकार जैसे विषयों पर विशेष चर्चा नहीं किये हैं । उन्होंने जननिर्वाचित संस्थाओं के मर्यादाओं पर विशेष जोड दिये हैं ।
प्रधानमन्त्री ने संबोधन में कहा है कि गणतन्त्र को संस्थागत कर जनजीवन को सार्थक अभ्यास में उतारने के लिये गणतन्त्र की संस्थाओं और अंगों का मर्यादा तथा सम्मान करना चाहिये ।

