Tue. Oct 15th, 2019

म्यांमार में मानसून के बारिश से भूस्खलन में अब तक 48 लोगों की जान गई

यंगून, एएफपी।

म्यांमार के पूर्वी हिस्से में मानसून के बारिश से भूस्खलन में अब तक 48 लोगों की जान जा चुकी है। रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में सैनिकों को तैनात किया गया है, ताकि लोगों को राहत पहुंचाई जा सके। हर साल मानसून की बारिश म्यामांर समेत दक्षिण एशियाई देशों में भूस्खलन और हजारों लोगों के विस्थापन का कारण बनती है, लेकिन शुक्रवार को मॉन राज्य में आई आपदा अब तक की सबसे दुखद घटना है। अभी तक सैकड़ों आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्यकर्ता शवों को निकालने का कार्य कर रहे हैं।

यह घटना शुक्रवार को मोन प्रांत के ये प्यार कोन में हुई जिसमें 27 घर बह गए। जीवित बचे लोगों की तलाश करने और कीचड़ में से शव निकालने के लिए खोज एवं बचाव दल रात भर काम में लगे रहे। स्थानीय प्रशासक जॉ मोई ऑन्ग ने बताया, ”मृतकों की संख्या बढ़ कर 48 हो गयी है औऱ यहां राहत कार्य अभी भी जारी है।”

भारी बारिश मे मॉन, करेन और काचिन जैसे राज्यों में सड़कों और पुलों को नष्ट कर दिया है। ब्रिगेडियर जनरल ज़ॉ मिन ट्यून ने एएफपी को बताया कि “हमारे क्षेत्रीय सैन्य कमांड आपदा क्षेत्रों में खोज और बचाव प्रक्रिया में मदद करने के लिए काम कर रहे हैं। हेलिकॉप्टरों का उपयोग भोजन की आपूर्ति के लिए किया जाएगा।”

मोन राज्य अंडमान समुद्र के तट पर स्थित है। राज्य के स्वामित्व वाले ग्लोबल न्यू लाइट के अनुसार, बाढ़ के पानी ने राज्य में 4,000 से अधिक घरों को जलमग्न कर दिया है और 25,000 से अधिक निवासियों को विस्थापित किया है, जिन्होंने मठों और पैगोडाओं में शरण ली है।

अखबार ने बताया कि उपराष्ट्रपति हेनरी वान थियो ने शनिवार को एक पंग टाउनशिप गांव में भूस्खलन से बचे लोगों का दौरा किया और राहत सहायता का वादा करते हुए “उनके दुःख की बात” की। संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय के समन्वय के लिए मानवीय मामलों के अनुसार, लगभग 89,000 लोग हाल के हफ्तों में बाढ़ से विस्थापित हो गए हैं, हालांकि कई लोग घर लौट आए हैं।

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