नागरिकता विहीन को नागरिकता देने के लिए सांसद् यादव द्वारा ध्यानाकर्षण
काठमांडू, १८ अगस्त । प्रतिनिधिसभा के सदस्य प्रदीप यादव ने सरकार को ध्यनाकर्षण कराते हुए कहा है कि जन्मसिद्ध नागरिकों की सन्तान आज नागरिकता विहीन हो रहे हैं, जल्द ही कानून बनाकर उन लोगों को नागरिकता देनी चाहिए । उनका आरोप है कि आज नागरिक की चेहरा देखकर नागरिकता वितरण किया जाता है, इसीलिए जन्मसिद्ध नागरिकों की सन्तान को नागरिकता विहीन होना पड़ रहा है ।
आइतबार आयोजित संसद् बैठक की विशेष समय में बोलते हुए सांसद् यादव ने कहा कि नागरिकता संबंधी कानून जब तक नहीं बनेगा, तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर जन्मसिद्ध नागरिकों की सन्तान को नागरिकता देनी चाहिए । उन्होंने कहा– ‘संविधान में लिखा है कि सभी नागरिक समान है, लेकिन उस भावना के विपरित अपने ही देश के नागरिक अपहेलित हो रहे हैं, नागरिकता विहीन बन रहे हैं ।’ उनका मानना है कि नागरिकता नहीं देना संविधान और कानून के विपरित है ।
सम्बोधन के दौरन सांसद् यादव ने सर्वोच्च अदालत के ऊपर भी प्रश्न किया । उनका कहना है कि सर्वोच्च द्वारा जारी आदेश में एकरुपता नहीं है, हर रिट में अलग–अलग फैसला आती है, जिसके चलते अदालत के प्रति जनता का विश्वास खत्तम होते जा रहा है । सांसद् यादव ने कहा कि नागरिकता जैसी संवेदनशील विषय में समय में कानून निर्माण न होना दुःखद है, ऐसी अवस्था में विशेष परिपत्र मार्फत सरकार को नागरिकता वितरण करनी चाहिए ।

