मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा, फैसले से खुश हूं
आजीवन प्रतिबंध हटाए जाने से राहत महसूस कर रहे पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने गुरुवार को यहां कहा कि यदि उन्हें पेशकश की जाती है तो वह भारतीय क्रिकेट बोर्ड से जुड़ना चाहेंगे जिसने उन पर 12 साल पहले मैच फिक्सिंग के आरोपों के कारण प्रतिबंध लगाया था।
आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय ने खिलाड़ी से राजनीतिज्ञ बने अजहर पर लगा बीसीसीआई का प्रतिबंध आज खारिज कर दिया। अजहर को जब यह खबर मिली तो वह खुशी से झूम उठे और उनको यहां लोधी गार्डन्स स्थित उनके सरकारी आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक अजहर ने कहा कि मुझे खुशी है कि आखिरकार यह प्रतिबंध हट गया। 12 साल का समय काफी लंबा होता है लेकिन मैंने धर्य बनाए रखा और आखिर सचाई की जीत हुई। वास्तव में आज मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है।
अपने 17 साल के करियर में 99 टेस्ट और 334 एकदिवसीय मैच खेलने वाले अजहर ने कहा कि वह बीसीसीआई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे और यदि अवसर मिलता है तो वह देश की सर्वोच्च क्रिकेट संस्था से भी जुड़ना चाहेंगे।
उन्होंने कहा कि मैं किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करूंगा। मैं इसके लिए किसी को दोषी नहीं मानता। बीसीसीआई आगे क्या कदम उठाता है यह उसका काम है। मैंने बचपन से क्रिकेट खेली है और 17 साल भारत की तरफ से खेला हूं। मैं इस खेल को वापस कुछ देना चाहता हूं। यदि मुझे बोर्ड से कोई पेशकश मिलती है तो मैं निश्चित तौर पर उससे जुड़कर क्रिकेट के विकास में अपना योगदान देना चाहूंगा।
उन्होंने कहा कि अब मैं पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहता हूं। जो हो गया वही नियति को मंजूर था। मैं अपना नाम पाक साफ चाहता था। अब क्रिकेट के लिए कुछ करना चाहता हूं। मेरी मुरादाबाद (जहां से अजहर सांसद हैं) के लोगों के प्रति प्रतिबद्धता है और मैं उनके लिए आगे काम करता रहूंगा।
अजहर ने हालांकि एक सवाल के जवाब में माना कि टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम पर 30 के करीब शतक दर्ज होने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मैंने शुरुआत की थी (पहले तीन टेस्ट मैचों में शतक) उसे देखते हुए 22 शतक कुछ कम हैं। मेरे नाम पर 27-28 शतक होने चाहिए थे।
भारत और पाकिस्तान के बीच दिसंबर में सीमित ओवरों के मैचों की श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा कि यह अच्छा कदम है और हमें दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को बढ़ावा देना चाहिए। अजहर ने हैन्सी क्रोन्य मैच फिक्सिंग प्रकरण पर कुछ कहने से इन्कार कर दिया।
उन्होंने कहा कि हैंसी क्रोन्ये अब नहीं हैं और इस बारे में बात करना सही नहीं है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान क्रोन्ये ने मैच फिक्सिंग की बात स्वीकार की थी और संकेत दिए थे कि वह अजहर थे जिन्होंने उन्हें एक सट्टेबाज से मिलाया था।

