काठमाण्डू मे विवाहपञ्चमी के दिन नेवाः समुदाय की क्षमापुजा ।
काठमांडू । लीलानाथ गौतम । अपना ही मौलिक संस्कृति तथा परम्परा में समृद्ध काठमांडू उपत्यका के आदिवासी नेवा समुदाय व्दारा मनाया जानेवाला ‘क्षमापुजा’ चावहिल स्थित गणेशस्थान मन्दिर में भव्य एवं विशेष पुजा के साथ मनाया गया है । प्रत्येक वर्ष विवाह पञ्चमी और उसके दूसरे दिन मनाया जानेवाला इस पर्व में नेवा समुदाय के लोग स्थानीय शक्तिपीठ में जाकर पुजापाठ करते हैं ।
भक्तपुर के स्थानीयवासी तथा नेवा समुदाय के आशाकाजी ठकु इस पर्व के बारे में कहते है– ‘आदमी अपने काम के शिलशिले में अनजान में अनेक प्रकार की गल्ती और पापकर्म भी करते हैं । उस गल्ती और पापकर्म के क्षमा के लिए नेवाः परम्पार अनुसार इस पर्व को मनाया जाता है ।’ ठकु के अनुसार पर्व के लिए प्रसाद के रुप में तैयार किया गया विशेष खाद्य पदार्थ, जो सार्वजनिक स्थल में प्रदर्शन में रखे जाते हैं, पूजापाठ सम्पन्न होने के बाद वहाँ आनेवाले सभी दर्शकों को प्रदान किया जाता है ।
इसी तरह श्री चन्द्रविनायक तथा भैरवनाथ भजन मण्डल के कोषाध्यक्ष महेश्वर न्याछ्यों का कहना है कि इस पर्व में अन्य समुदाय के लोग भी सहभागी होते हैं लेकिन पुजापाठ नेवारी संस्कृति के मुताबिक ही होता है । वही भजन मण्डल के सदस्य जुजुमान शाक्य के अनुसार यह पर्व २०५० साल से पहले ५-१० वर्ष के अन्तराल में किया जाता था, लेकिन उसके बाद प्रत्येक वर्ष मनाया जाने लगा है । पर्व मनाने के लिए विवाह पञ्चमी का दिन ही खास नहीं है । दसहरा, शुभदिपावली, छठ लगायत कोई भी शुभ दिन में यह पर्व मनाया जा सकता है । कोषाध्यक्ष न्याछ्यों कहते है– ‘लेकिन हम लोग प्रत्येक वर्ष विवाह पञ्चमी के दिन ही यह पर्व मनाते हैं ।’

