संविधान ने महिलाओं के अधिकारों को मौलिक अधिकार के रूप में सुनिश्चित किया है : प्रम शाह
प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ने आठवें राष्ट्रीय महिला अधिकार दिवस के अवसर पर देश तथा विदेश में रह रही समस्त नेपाली महिला दिदीबहनों एवं महिला अधिकारों की रक्षा, संवर्द्धन और प्रोत्साहन के क्षेत्र में सक्रिय सभी व्यक्तियों और संस्थाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त की हैं।
‘महिला अधिकारों का सम्मान : आत्मनिर्भरता और समृद्धि का अभियान’ मूल नारे के साथ २०८३ जेठ १६ गते देशभर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से यह दिवस मनाया जा रहा है।
दिवस के अवसर पर जारी शुभकामना संदेश में प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि नेपाल के संविधान ने लैंगिक भेदभाव का अंत करते हुए समानुपातिक, समावेशी और समानतामूलक समाज निर्माण की स्पष्ट प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संविधान ने महिलाओं के अधिकारों को मौलिक अधिकार के रूप में सुनिश्चित किया है तथा राज्य के सभी निकायों और संरचनाओं में महिलाओं की समानुपातिक एवं समावेशी भागीदारी तथा अर्थपूर्ण प्रतिनिधित्व की गारंटी दी है।
संदेश में उल्लेख किया गया है कि राज्य ने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक सशक्तीकरण को अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं में शामिल किया है। प्रधानमंत्री शाह के अनुसार, राज्य द्वारा अपनाई गई समावेशी नीतियों और कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि राज्य के विभिन्न अंगों, क्षेत्रों और निकायों में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही लैंगिक समानता, महिला सशक्तीकरण और लैंगिक विकास सूचकांकों में भी क्रमिक सुधार देखने को मिला है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सुधार के प्रयास जारी रहने के बावजूद महिला सशक्तीकरण और न्यायपूर्ण समाज निर्माण के मार्ग में अभी भी कई चुनौतियाँ मौजूद हैं। उन्होंने सभी प्रकार की लैंगिक हिंसा के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि समाज में पितृसत्तात्मक सोच, बाल विवाह, डायन प्रथा, छाउपड़ी, दहेज और तिलक जैसी कुप्रथाएँ अब भी बनी हुई हैं।
उन्होंने लैंगिक, घरेलू और डिजिटल हिंसा को समाप्त करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इन समस्याओं के समाधान के लिए कानूनी उपचार के साथ-साथ सामाजिक चेतना बढ़ाने और लैंगिक मैत्रीपूर्ण व्यवहार विकसित करने हेतु देशव्यापी अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।
समतामूलक समाज निर्माण के लिए सरकार महिलाओं के सर्वांगीण उत्थान और सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं के विरुद्ध होने वाले सभी प्रकार के हिंसा, शोषण और भेदभाव को समाप्त करने की नीति अपनाएगी।
उन्होंने आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को सशक्त बनाकर उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करने तथा महिला मैत्रीपूर्ण व्यवहार और संस्कृति निर्माण के लिए सभी देशवासियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।


