सात राजनीतिक दल मिलकर ‘अग्रगामी मोर्चा’ के गठन की अंतिम तैयारी में जुटे
देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य के बीच सात राजनीतिक दल मिलकर ‘अग्रगामी मोर्चा’ के गठन की अंतिम तैयारी में जुटे हैं। इस नए राजनीतिक मोर्चे की आधिकारिक घोषणा 23 साउन को की जाएगी।
मधेश, थरूहट, दलित, उत्पीड़ित वर्ग और अन्य हाशिए पर रहे समुदायों के अधिकारों के लिए सक्रिय दलों को एक मंच पर लाने की पहल के तहत इस मोर्चे का गठन किया जा रहा है।
मोर्चे में उपेन्द्र यादव के नेतृत्व वाली जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल, डॉ. सीके राउत की जनमत पार्टी और रेशम चौधरी के संरक्षण वाली नागरिक उन्मुक्ति पार्टी सहित कई प्रमुख क्षेत्रीय और सामाजिक आधार वाले दल शामिल हैं।
इसके अलावा जनार्दन शर्मा की प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी, रिजवान अंसारी के नेतृत्व वाली नेपाल संघीय समाजवादी पार्टी, प्रभु साह की आम जनता पार्टी तथा बहुजन एकता पार्टी भी इस गठबंधन का हिस्सा होंगी। विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक समूहों में प्रभाव रखने वाले इन दलों के एक मंच पर आने से नेपाल की राजनीति में नए शक्ति संतुलन की संभावना जताई जा रही है।
मोर्चे में शामिल दलों ने इसे मजबूत और दीर्घकालिक बनाने के लिए दक्षिण अफ्रीका के ऐतिहासिक राजनीतिक संगठन अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के मॉडल को अपनाने पर सहमति बनाई है।
नेताओं के अनुसार, आगामी चुनाव में सभी दल अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साझा चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। यदि विचारधारा, कार्यदिशा और संगठनात्मक स्तर पर सहमति बनी रही, तो भविष्य में पूर्ण पार्टी एकीकरण की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
मोर्चे का कहना है कि संघीयता, समावेशिता और अब तक के राजनीतिक आंदोलनों से हासिल उपलब्धियों की रक्षा उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में होगी। साथ ही सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा करते हुए पारंपरिक राजनीतिक शक्तियों के एक सशक्त विकल्प के रूप में कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है।
23 साउन को आयोजित विशेष घोषणा सभा में अग्रगामी मोर्चा अपना साझा न्यूनतम कार्यक्रम और भविष्य की राजनीतिक कार्ययोजना सार्वजनिक करेगा।


