दुर्गा प्रसाईं को रिहा करने का आदेश

मेडिकल व्यवसायी दुर्गा प्रसाईं को रिहा करने का आदेश दिया गया है। सोमवार को भक्तपुर जिला अदालत ने उन्हें हिरासत में रखने की अनुमति देने से इनकार करते हुए थुनाबाहिर (हिरासत से बाहर) रहकर ही जांच करने का आदेश दिया।
प्रसाईं को रविवार रात गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके खिलाफ तीन मामलों में जांच के लिए सात दिन की हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया।
भक्तपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूर्य खड्का ने बताया कि अदालत से हिरासत की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रसाईं के खिलाफ जांच जारी रहेगी।
पुलिस उन पर राज्य के विरुद्ध अपराध, सार्वजनिक शांति भंग करने तथा विद्युतीय कारोबार (इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन) अधिनियम के उल्लंघन से संबंधित मामलों में जांच कर रही है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने ऐसी गतिविधियां कीं, जो देश की संप्रभुता और अखंडता को प्रभावित कर सकती हैं।
उधर, प्रसाईं को कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए उनकी पत्नी उमा प्रसाईं ने सोमवार को नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका दायर की है, जिसमें उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई है।