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शिवरात्रि में अभिषेक से कई दोषों से मिलेगी मुक्ति : आचार्य राधाकान्त शास्त्री,

 

शिवरात्रि 2020 :-117 साल बाद 21 फरवरी को बन रहा दुर्लभ योग, इस दिन के अभिषेक से कई दोषों से मिलेगी मुक्ति :- आचार्य राधाकान्त शास्त्री,
महाशिवरात्रि 21 फरवरी शुक्रवार को है। इस बार 117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग बन रहा है। इस पूजन की तैयारी शिवालयों में शुरू हो गयी है।
शिवरात्रि के दिन शनि स्वयं की राशि मकर में और शुक्र ग्रह अपनी उच्च राशि मीन में रहेगा। यह एक दुर्लभ योग है। इस योग में भगवान शिव की आराधना करने से शनि, गुरु, शुक्र के दोषों से मुक्ति मिलती है। नए कार्य की शुरुआत के लिए भी यह खास योग माना जाता है। 21 फरवरी को बुध और सूर्य कुंभ राशि में एक साथ रहेंगे। इससे बुध-आदित्य योग बनेगा। इसके अलावा इस दिन सभी ग्रह राहू-केतु के मध्य रहेंगे। इस वजह से 18 फरवरी से 5 मार्च तक काल सर्पयोग भी बन रहा है। जो सभी काल सर्प योग से पीड़ित जातकों के दोष निवारण लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है ।
इस दिन फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की तेरस सायं 5:12 तक और इसके बाद चतुर्दशी का मिलन शिव शक्ति का अद्भुत मिलन की शिवरात्रि मनायी जाएगी।
शिवरात्रि को कई श्रद्धालु निर्जला व्रत रख रात्रि जागरण करते हैं। ऐसा करने से श्रद्धालुओं को शिवलोक की प्राप्ति होती है। कई मंदिरों में इस दिन शिव-पार्वती का मिलन के साथ श्रद्धालु शिवलिंग पर मोर चढ़ाकर विवाह संपन्न कराते हैं।
मनोकामना महादेव शिवमंदिर सागर पोखरा बेतिया के मंदिर में 251, आचार्यों के द्वारा 5 महाअभिषेक, महागौरी मंत्र का जप, एवं अखंड शिवतांडव पाठ सुबह 5 बजे से सायं 5 बजे तक फिर महा श्रृंगार शिव बारात , 7 बजे से, पुनः रात्रि पर्यंत महाअभिषेक सुबह 5 बजे तक , पुनः हवन एवं महाआरती अगले दिन 10 बजे तक सम्पन्न किया जाएगा । इसके लिए पूजन , भंडारे, एवं बरात की तैयारी, के साथ साथ मंदिर में रंगाई-पुताई का कार्य जारी है। महादेव को विशेष श्रृंगार साथ सम्पूर्ण मंदिर को विशेष फूलों से सजाया जायेगा। शिवशक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि के दिन सुबह शाम अभिषेक एवं दिन भर अखंड जप, पाठ किया जाएगा। तथा बारात के बाद रात भर अभिषेक किया जाएगा जिसमे विविध द्रव्यों सहित रुद्राक्ष का भव्य श्रृंगार किया जायेगा ।
रात्रि 7 बजे से निकाली जायेगी भव्य शिव बारात, जिसकी शोभायात्रा शिव बरात सागर पोखरा शिवमंदिर से निकल कर नगर परिक्रमा के बाद पुनः शिव मंदिर पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु विविध भजन कीर्तन एवं पुनः पांचों प्रहर के अभिषेक पूजन करेंगे। आप सब अपने अपने समय सामर्थ्य के अनुसार इस परम पुनीत कार्य मे अम्मिलित होकर शिव कृपा एवं पुण्य के भागी बनें, महाशिवरात्रि के पूजन अभिषेक, अखंड शिवतांडव पाठ, जप एवं चारो प्रहर का अभिषेक श्रृंगार पूजन से मनोकामना महादेव सबको उत्तम आयु, आरोग्यता , विद्या बुद्धि, सुख सौभाग्य , नौकरी आजीविका ,सर्व सिद्धि, सन्तती, सन्तान के साथ सम्पूर्ण कुशलता प्रदान करें , आचार्य राधाकान्त शास्त्री ,

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आचार्य राधाकान्त शास्त्री

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