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धर्मनिरपेक्षता,कट्टर-हिंदुत्व,विखंडनकारी ये सभी मधेश में भी प्रवेश कर चुकी है : रमेश सिंह

 

रमेश सिंह, सिरहा | इतिहास जो भी रहा हो, किन्तु वर्तमान में, भारत एक परेशान राष्ट्र है, जहाँ विदेशी लुटेरों और अत्याचारी का महिमामंडन करना ‘धर्मनिरपेक्षता’ माना जाता हैं, और भारतीय पुत्रों एवं पुत्रियों की स्तुतिगान को ‘कट्टर-हिंदुत्व’ |

विदेशी लुटेरा बाबर की निशानी ‘बाबरी मस्जिद’ की तरफ़दारी करने को ‘धर्मनिरपेक्षता’ कहा जाता हैं, और भारतीय पुत्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का दरबार ‘राम मन्दिर’ की वकालत करने वालों को कट्टर हिन्दू और अतिवादी और अराजक तत्व कहा जाता हैं | भारतीय बीर पुत्र महाराणा प्रताप एवं पृथ्वीराज चौहान का चर्चा करने वालों को मूर्ख समझा जाता हैं, और मोहम्मद गौरी एवं ख़िलजी जैसे विदेशी लुटेरों का चर्चा करने पर शिक्षित माना जाता हैं | हिन्दी बोलने पर bloody primitive कहा जाता हैं, और लुटेरों की भाषा इंग्लिश बोलने पर Sophisticated and Civilized समझा जाता हैं |

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अट्टक से कट्टक तक हिन्दुस्तान कहने वालों को विखंडनकारी कहा जाता हैं, और ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ कहने वालों को महान नेता बोला जाता है | सम्राट अशोक को क्रूर शासक कहा जाता हैं और अंग्रेजों को विकाश का श्रेय दिया जाता हैं | राम राज को गाली समझा जाता हैं और अकबर राज को स्वर्णिम युग पढ़ाया जाता हैं |

यह चीज़ भारत से मधेश में भी प्रवेश कर चुकी हैं | जाली विदेशी लुटेरा नेपाली को ही लोग तरफ़दारी करते दिख रहे हैं | मधेशीयों को अब मनन करने की ज़रूरत हैं, वरना जो हस्र हिन्दुस्तान का हुआ हैं, वही मधेश का भी होगा | मधेशी बस ज़िन्दा रहेंगे (वह भी शंकास्पद ही हैं) किन्तु उनका कोई पहचान नहीं, जैसे कि हिन्दुस्तानी तो ज़िन्दा हैं, किन्तु उनका पहचान जो की सिन्ध घाँटी से हैं, वे उनको नसीब नहीं, मोहेनजो दारों पर आज भी विदेशी लुटेरों का क़ब्ज़ा हैं, लब-कुश के शहर लाहौर और कशुर पर आज भी बाबर के पिछलग्गुP ताण्डव कर रहें हैं, और भी बहुत कुछ जो भारत को दर्शाता हैं, वे उनके पास नहीं, उनकी अपनी विरासत उनके पास नहीं |

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मधेशी को पड़ोसी की ग़लतियों से सीखने की ज़रूरत हैं, संस्कृति, आत्मसम्मान एवं पहचान वग़ैर जीना मृत्यु से भी भयावह हैं | इसलिए, मधेशी को अपना मधेश की ओर अग्रसर होना जरूरी है | ‘धर्मनिरपेक्षता,’कट्टर-हिंदुत्व’ ‘अराजक तत्व’ ‘विखंडनकारी’ ये सभी भारत से मधेश में भी प्रवेश कर चुकी हैं

रमेश सिंह

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