रामचन्द्र झा के विरोध में मिथिलाञ्चल के एमाओवादी नेता तथा कार्यकर्ता ।

१९ मार्च, काठमांडू , लिलानाथ गौतम । नेकपा एमाले के पोलिटव्युरो सदस्य रामचन्द्र झा ए-माओवादी में प्रवेश करने की तैयारी में हैं । समाचार स्रोत बताते है कि एमाओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड कुछ ही दिनों में झा को केन्द्रीय सदस्य बनाने की तैयारी कर रहें हैं । लेकिन पार्टी के इस निर्णय को माओवादी कार्यकर्ता ने घोर विरोध किया है । विशेषतः मिथिलाञ्चल तथा मधेश क्षेत्र में रहे माओवादी नेता तथा कार्यकर्ता ने ही झा का विरोध कर रहें हैं । विरोध जतानेवाले कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दिया है– कि अगर पार्टी ने झा को एमाओवादी में प्रवेश कराएगा तो हम पार्टी परित्याग कर देंगे ।
समाचार स्रोत के अनुसार चैत ८ गते एमाओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड पार्टी के स्वर्गीय नेता अजबलाल यादव की स्मृतिसभा में सहभागी होने के लिए जनकपुर जा रहें हैं । स्रोत ने बताया है कि ‘उसी कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रचण्ड ने एमाले पोलिटव्युरो सदस्य झा को एमाओवादी के केन्द्रीय सदस्य बनाने की घोषणा करेंगे ।’ उक्त स्रोत के मुताबिक झा अभी एमाले की तरह ही पोलिटव्युरो सदस्य बनाने के लिए प्रचण्ड के समक्ष मांग कर रहे है । लेकिन जनकपुरबासी तथा झा के निर्वाचन क्षेत्र के कार्यकर्ता इसका विरोध में उतर आए है ।
नाम उल्लेख करने के लिए इन्कार करते हुए मधेश के एक प्रभावशाली नेता तथा एमाओवादी केन्द्रीय सदस्य ने हिमालिनी के काठमाण्डू प्रतिनिधि के साथ बातचित करते हुए बताया कि ‘अगर झा एमाओवादी में प्रवेश करेंगे तो मिथिला में माओवादी की संगठनिक अवस्था और कमजोर बनेगी । हम उनको स्वीकार नहीं करेंगे ।’ वह बताते है कि एमाले नेता झा माओवादी जनयुद्ध विरोधी तथा युद्ध अपराधी भी है । उन्होंने आगे कहा– ‘हमारे पार्टी के नेता रामवृक्ष यादव की हत्या में झा की भी संलग्नता रही थी । झा ने ही युद्धकाल में नेपाली सेना के युनिफर्म पहनते हुए व्यारेक जाकर माओवादी कार्यकर्ता को पहचान करवाया था । ऐसे व्यक्ति माओवादी में प्रवेश गरेंगे तो हम कदापी स्वीकार नहीं करेंगे ।’
एमाओवादी के दूसरे नेता तथा केन्द्रिय समिति सदस्य (सीसीएम) दिलिप साह भी इस बात को स्वीकार करते है कि झा को माओवादी में आने से मधेश के कुछ नेता तथा कार्यकर्ता असन्तुष्ट हो सकते है । लेकिन साह का कहना है– ‘अगर झा एमाओवादी में प्रवेश करेंगे तो माओवादी को कुछ असर नहीं पडेगा ।’ उन्होंने हिमालिनी से बताया– ‘हाँ, झा के एमाओवादी प्रवेश से मिथिला में कुछ नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन समग्र पार्टी और मधेश के सवाल में फायदा ही रहेगा । क्योंकि झा एमाले के प्रभावशाली नेता है । उन की पहुँच मधेश के सभी जिला में अच्छा ही है । ऐसे नेता को पार्टी में आने से एमाओवादी की पकड मधेश में और मजबुत हो सकता है ।’
साह की इस कथन को अधिकांश नेता तथा कार्यकर्ता सहज नहीं स्वीकार करते है । धनुषा क्षेत्र नं.– १ के एक नेता कहते है– ‘झा माओवादी होंगे तो आगामी निर्वाचन में हम लोग उनको टिकट नहीं दिलाएंगे । अगर पार्टी ने दिलाएगा तो हम उनके विरोध में दूसरे उम्मेदवार आगे बढ़ाएंगे ।’ उन के अनुसार झा ऐसा व्यक्तित्व है, जो नागरिकता सम्बन्धी विषय में भी विवादित है ।

स्मरणीय है, एमाले नेता झा का निर्वाचन क्षेत्र भी धनुषा–१ है । मधेश के लिए नेकपा एमाले के प्रभावशाली नेता के रुप में कहलानेवाले झा पिछले बार नेकपा एमाले में निस्क्रिय है । कुछ समय पहले ‘झा एमाले त्याग करके जनजाति पार्टी में प्रवेश करने की तैयारी में है’, ऐसा चर्चा भी हुआ था । उसके बाद एमाले ने भी उनको खास महत्व नहीं दिया है । इसी के कारण वे अभी माओवादी मे प्रवेश की तैयारी में है ।

