ताकत है तो मुझे हटाकर दिखाए, फिर भी दो तिहाई मत के साथ निर्वाचित हो जाऊंगाः प्रधानमन्त्री ओली

झापा, २८ फरवरी । संसद् बिघटन विरुद्ध आन्दोलन करनेवाले अपने ही पार्टी के नेता प्रचण्ड–माधव समूह को प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि प्रधानमन्त्री पद से हटाने के लिए उन लोगों के पास ताकत नहीं है । अपने ही निर्वाचन क्षेत्र झापा में चाइना नेपाल फ्रेण्डशीप पार्क शिलान्यास करते हुए आइतबार प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘संसद् पुनस्र्थापना चिन्ता का विषय नहीं है । देश में जो विकास हो रहा है, उसको रोकने के लिए मुझे हटाना चाहते थे, लेकिन उन लोगों के पास मुझे हटाने की ताकत नहीं है ।’
संसद् पुनस्र्थापना होते ही पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड और माधव कुमार नेपाल चितवन से काठमांडू आकर कांग्रेस सभापति शेरबहादुर देउवा के साथ जो भेटवार्ता किया, उसके प्रति व्यंग्य करते हुए प्रधानममन्त्री ओली ने आगे कहा– ‘वे लोग बुढालिकण्ठ जाकर कहा कि प्रभु ! संसद् पुनस्र्थापना हो चुका है, लेकिन आप के सहयोग बिना केपी ओली को हटाने की ताकत हम लोगों के पास नहीं है, कृपा करके आप प्रधानमन्त्री पद स्वीकार करें । इसतरह नन्दी–भृगी मिलकर सरकार बनाने की बात वे लोग कर रहे थे ।’
प्रधानमन्त्री ओली ने दावा किया है कि प्रचण्ड–माधव समूह द्वारा जो प्रस्ताव आया है, उसको कांग्रेस सभापति देउवा ने अनदेखा किया है । प्रधानमन्त्री ओली ने आगे कहा– ‘आजकल फिर वे लोग मुझसे ही इस्तिफा मांग कर रहे हैं । लेकिन मैं चुनौति देता हूं, आप लोगों ने मुद्दा लड़कर संसद् को पुनस्र्थापना किया है, वहां अविश्वास का प्रस्ताव पेश कीजिए, उसको पास करके दिखाइए और केपी ओली को हटाकर दिखाइए ।’ ओली ने कहा कि इससे पहले भी उन लोगों ने अविश्वास का प्रस्ताव पेश कर हटाया था । फिर भी उसी तरह हटाने के लिए उन्होंने चुनौती दिया । प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘फिर भी हटाकर दिखाइए, तब भी मैं दो तिहाई बहुमत के साथ जनता से निर्वाचित होकर आउंmगा ।’

