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हमर बात तुंहर साथ’ की त्रिदिवसीय कार्यशाला

 

*’हमर बात तुंहर साथ’ की त्रिदिवसीय कार्यशाला में 16 विभिन्न विषय विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने ली, जिसमें प्रदेश की 32 समाजसेवी संस्थाओं ने सहभागिता ली* हुआ समापन*
त्रिदिवसीय कार्यशाला का समापन- राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच एवं छत्तीसगढ़ इनिशिएटेड पीस स्टडी एण्ड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा त्रिदिवसीय कार्यशाला “हमर बात तुहांर साथ” का आयोजन किया गया था।जिसका थीम था, ए फर्स्ट एड किड फॉर कोविड ।

उक्त कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अंचल के स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं समाज सेवी संस्थाओं के संचालकों ने भाग लिया। कार्यशाला के अंतिम दिवस पर कार्यशाला के संरक्षक गोलोक बिहारी जी, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच ने अपने उदबोधन मे कहा कि आज हम जिस कोरोना बिमारी से लड़ रहे हैं एक प्रकार से यह एक बायोवेपन हैं।इस विकट परिस्थितियों में कुछ लोग ने मानवता का मिसाल पेश किया है वही दूसरी ओर जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी कर मानवता को तार-तार किया है।

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प्रथम तकनीकी सत्र मे डॉ. देवेंद्र नायक ने बताया कि कोरोना बिमारी नहीं एक महामारी हैं, मास्क लगाए,सेनिटेशन करें, पॉजिटिव होने पर भी आत्मविश्वास कायम रखे।कोरोना की लडाई से जितना हैं तो टीकाकरण अवश्य लगाएं।

डॉ देवेंद्र नायक ने कहा कि कोविड से डरना है जरूरी मगर उनको जिन्हें कोविड नही हुआ है ,पर वैक्सीनेशन सब के लिए जरूरी है।

डॉ.बालाकृष्णन ने कहा कि सामाजिक दूरी से तीसरी लहर से बचा जा सकता है।टीकाकरण के बाद कुछ लोगों को साइडिफेक्ट हो सकता है, पर डरने की आवश्यकता नहीं है।धीरे धीरे लॉकडाऊन खत्म हो रहा है कृपया सभी सावधानी बरतें। कोविड प्रशिक्षुता है जरूरी क्योकि साइड इफ़ेक्ट हो गए भारी।

डॉ संजीप दास ने कहा काढ़ा है जरूरी पर अनुपात उससे भी जरूरी ,अजवाइन और पुदीने का भाप ले ,योगा में है हर बीमारी का समाधान।

डॉ.नीधि ग्वालरे ने बताया कि नांक एवं आंख के माध्यम से फंग्स शरीर में प्रवेश कर सकता है, इससे बचने के मास्क का लगातार उपयोग करते हुए आवश्यक सावधानी बरतें।बिमारी के लक्षण दिखाई देते ही डॉक्टर से परामर्श लें। और मास्क पहले पर थोड़ी थोड़ी देर में उतार दे ,नमी से बचे ।

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डॉ.रश्मि दुबे ने बताया कि कोविड को लेकर लोगों मे भ्रांतियां हैं कि एल्कोहल लेने से नहीं हो सकता या बिमारी खत्म हो जाएगा, जो कि मिथ्या हैं।बल्कि एल्कोहल से हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती हैं।

प्रियंका शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य से बडी कोई पुंजी नहीं है, बिमारी के अनुसार डॉक्टर की सलाह पर आवश्यक पोषण आहार ले।

द्वितीय तकनीक सत्र मे शिवली श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड से लडने के लिए मनौवैज्ञानिक रूप से शक्तिशाली बनने की आवश्यकता है।

डॉ.रणजीप दास ने कहा कि बिमारी के उपचार के बजाय बिमारी के बचाव पर जोर देने की आवश्यकता है ताकि हम समय रहते कोरोना के तीसरी लहर से बच सके।

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योग ज्योति जी ने कहा कि हम शारीरक और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं, इसे दूर करने के लिए लगातार योग करते रहे।

उक्त कार्यशाला में प्रदेश भर की विभिन्न विभिन्न32 सामाजिक संगठनों और 16 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने शिरकत की वही 178 नर्सों , सफाई मित्रो को सम्मानित किया गया। संस्थाओं के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा अपने कार्य क्षेत्रों का परिचय देते हुए विशेषज्ञों से प्रश्न पुछ कर जिज्ञासाओं को शांत किया।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. वर्णिका शर्मा ने इसे एक आगाज कहा । पूरी टीम जिन्होंने अनवरतअथक मेहनत की सह संयोजक डॉ. भूपेंद्र साहू , डॉ. एन. पी . यादव , सुनीता पाठक ,जानकी गुप्ता ,प्रमिला शर्मा,रेखा शर्मा,ज्योति यादव,पायल विशाल ,एकता तिवारी,अन्नपूर्णा शर्मा ,तोरन सिंह ठाकुर,ज्ञानप्रकाश चंद्राकर ,कैलाश शर्मा,कान्हा सिंह ठाकुर

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